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Russia: भारत से रूस जाएंगे 10 लाख कुशल कामगार, श्रमिकों की भारी कमी पूरी करने की तैयारी; यहां करेंगे काम

Mon, 14 Jul 2025 07:49 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को

सार

रूस में कुशल कामगारों की कमी के बाद अब भारत से 10 लाख कुशल कामगार को बुलाया जाएगा। जिसमें से कुछ स्वेर्दलोव्स्क क्षेत्र में काम करेंगे। बता दें कि, मार्च 2024 में मॉस्को के क्रोकस सिटी हॉल में हुए आतंकवादी हमले के बाद रूसी सरकार ने कुछ क्षेत्रों से प्रवासी श्रमिकों के आगमन पर सख्ती भी बढ़ा दी है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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रूस में कुशल श्रमिकों की भारी कमी को देखते हुए इस साल के अंत तक भारत से लगभग 10 लाख कुशल कामगारों को बुलाया जाएगा। यह जानकारी रूस के एक प्रमुख व्यापार संगठन के अधिकारी ने दी है। उरल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रमुख आंद्रेई बेसेदिन ने आरबीसी न्यूज एजेंसी से कहा कि, 'मेरी जानकारी के अनुसार, साल के अंत तक भारत से 10 लाख कुशल श्रमिक रूस आएंगे, जिनमें से कुछ स्वेर्दलोव्स्क क्षेत्र में भी काम करेंगे।'
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येकातेरिनबर्ग में खोला गया नया भारतीय दूतावास
उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य के लिए येकातेरिनबर्ग शहर में भारत का नया वाणिज्य दूतावास खोला जा रहा है, जो श्रमिकों के आगमन से संबंधित मामलों को संभालेगा। स्वेर्दलोव्स्क क्षेत्र रूस के उरल पर्वत क्षेत्र में स्थित है और यह देश की भारी उद्योग और रक्षा उत्पादन इकाइयों का केंद्र है। यहां टी-90 टैंक बनाने वाली कंपनी 'उरल वैगन जावोद' और 'उरलमाश' जैसी प्रसिद्ध कंपनियां स्थित हैं।
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रूस में क्यों आई कारीगरों की कमी?
आंद्रेई बेसेदिन ने आगे बताया कि रूस में कई युवा अब फैक्ट्रियों में काम नहीं करना चाहते और कुछ लोग यूक्रेन में सैन्य अभियान में तैनात हैं, जिससे फैक्ट्रियों में काम करने वाले कुशल लोगों की भारी कमी हो गई है। इसी वजह से भारत जैसे देशों से श्रमिक बुलाने की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि भारत के अलावा श्रीलंका और उत्तर कोरिया से भी श्रमिक बुलाने पर विचार किया गया, लेकिन यह जटिल मामला है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारत से कुशल श्रमिकों का आगमन शुरू हो चुका है, खासकर कालिनिनग्राद की मछली प्रसंस्करण फैक्ट्री 'जा रोडीनु' में काम करने के लिए भारतीय श्रमिकों को आमंत्रित किया गया है।
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रूस में कुशल श्रमिकों की कमी की आशंका
रूसी श्रम मंत्रालय के अनुसार, 2030 तक रूस में 31 लाख कुशल श्रमिकों की कमी होने की आशंका है। इसी कारण वर्ष 2025 में विदेशी श्रमिकों की कोटा सीमा को 1.5 गुना बढ़ाकर 2.3 लाख तक करने का प्रस्ताव रखा गया है। फिर भी भारत जैसे देशों से कुशल और प्रशिक्षित कामगारों को प्राथमिकता दी जा रही है।

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