रूस और उत्तर कोरिया साथ जून में प्योंगयांग में एक शिखर सम्मेलन के बाद शनिवार को पुतिन और किम जोंग ने रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताक्षर किया। इस साझेदारी के तहत अगर कोई पक्ष सशस्त्र हमले का सामना करता है तो दोनों देशों को एक-दूसरे की मदद करने के लिए एक-दूसरे को बुलाने का अधिकार होगा।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार को उत्तर कोरिया के साथ एक रणनीतिक साझेदारी पर समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी में आपसी रक्षा का प्रावधान भी शामिल है जो कि अब कानून बन गया है। बता दें कि पुतिन और उत्तर कोरियाई तानाशाह नेता किम जोंग ने बीते महीने जून में प्योंगयांग में एक शिखर सम्मेलन के दौरान इस समझौते का ऐलान किया था।
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रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर
प्योंगयांग में एक शिखर सम्मेलन के दौरान इस समझौते के तहत अगर कोई पक्ष सशस्त्र हमले का सामना करता है तो दोनों देशों को एक-दूसरे की मदद करने के लिए एक-दूसरे को बुलाने का अधिकार होगा। बता दें कि यह समझौता अब कानून बन चुका है क्योंकि इसे रूस की संसद द्वारा मंजूरी मिल चुकी है और यह आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है, जिसमें यह भी पुष्टि की गई है कि इस समझौते को रूसी संसद द्वारा मंजूरी दी गई है।
प्योंगयांग शिखर सम्मेलन की बात
अब अगर प्योंगयांग में हुई शिखर सम्मेलन की बात करें तो व्लादिमीर पुतिन ने रूस और उत्तर कोरिया के बीच संबंधों में महत्वपूर्ण वृद्धि की घोषणा की थी। जिसमें आक्रमण की स्थिति में एक-दूसरे की मदद करने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया था।
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बता दें कि पुतिन ने इस समझौते को अपनी दुर्लभ उत्तर कोरिया यात्रा के दौरान सफल रणनीतिक साझेदारी के रूप में बताया था जो उन्होंने एकांतप्रिय राज्य में की।
एक नजर समझौते के मूल रूप पर
रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार पुतिन और किम जोंग-उन ने एक नए साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो 1961, 2000 और 2001 के पुराने समझौतों को बदलता है। पुतिन ने इस समझौते के बारे में बताते हुए कहा था कि इसमें किसी एक पक्ष के खिलाफ आक्रमण की स्थिति में पारस्परिक सहायता का प्रावधान भी शामिल है।