रूस में संसदीय चुनावों के लिए मतदान से ठीक पहले तक रूस के अधिकारी इस एप के इस्तेमाल को हतोत्साहित कर रहे हैं। नवलनी ने ‘स्मार्ट वोटिंग’ नाम का एप डिजाइन किया था जिससे उन उम्मीदवारों का प्रचार किया जा सके जिनके क्रेमलिन के समर्थन वाले प्रत्याशियों को हराने की संभावना है।
रूस में संसदीय चुनावों के लिए मतदान से पहले शुक्रवार को एपल और गूगल प्ले स्टोर्स से एक एप गायब हो गया। इसे जेल में बंद रूसी विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी के सहयोगियों ने बनाया था। नवलनी ने ‘स्मार्ट वोटिंग’ नाम का एप डिजाइन किया था जिससे उन उम्मीदवारों का प्रचार किया जा सके जिनके क्रेमलिन के समर्थन वाले प्रत्याशियों को हराने की संभावना है।
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बता दें चुनाव से ठीक पहले तक रूस के अधिकारी इस एप के इस्तेमाल को हतोत्साहित कर रहे हैं। इस सप्ताहांत में होने वाले चुनाव को राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के आगामी राष्ट्रपति चुनाव से पहले सत्ता पर पकड़ मजबूत करने की कोशिशों के तौर पर देखा जा रहा है। इन चुनावों के लिए संसद पर नियंत्रण महत्वपूर्ण है।
रूस के विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह अमेरिकी राजदूत जॉन सुलिवन को तलब किया था। बृहस्पतिवार को एपल और गूगल के प्रतिनिधियों को रूस की संसद के उच्च सदन की एक बैठक में बुलाया गया। बैठक के बाद एक बयान में कहा गया कि एपल ने रूसी अधिकारियों के साथ सहयोग पर सहमति जता दी है।
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जुर्माना लगाने की दी थी चेतावनी
एपल और गूगल पर पिछले कुछ सप्ताह में रूस के अधिकारियों का काफी दबाव रहा है। अधिकारी दोनों से ‘स्मार्ट वोटिंग’ एप को हटाने के लिए कह रहे थे। उनका कहना था कि ऐसा नहीं किया गया तो माना जाएगा चुनाव में हस्तक्षेप किया जा रहा है। उन्हें जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी गई।