क्या उत्तर कोरिया रूस को हथियार बेच रहा है? अमेरिका और जापान ने ऐसे आरोप लगाए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि उत्तर कोरियाई हथियारों का इस्तेमाल रूस यूक्रेन युद्ध में कर रहा है। इस खबर को दक्षिण कोरिया और आसपास के देशों में संशय और आश्चर्य की नजरों से देखा गया है। साथ ही उससे चिंता भी पैदा हुई है।
सबसे पहले ये आरोप इस गुरुवार को जापान के एक अखबार की रिपोर्ट में लगाया गया है। उसमें दावा किया गया कि उत्तर कोरिया ने पिछले महीने ट्रेन के जरिए हथियारों की एक खेप रूस भेजी। बाद में गुरुवार को ही ह्वाइट हाउस ने इस आरोप की पुष्टि की। उसने कहा कि उत्तर कोरिया रूस के प्राइवेट मिलिटरी कॉन्ट्रैक्टर वागनेर ग्रुप के जरिए हथियार भेज रहा है।
उत्तर कोरिया ने इस चर्चा को अफवाह बताते हुए इसका खंडन किया है। शुक्रवार को उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया में इस बारे में एक बयान आया। इसके बावजूद जापान के अखबार टोक्यो शिम्बुन की रिपोर्ट इस क्षेत्र में चर्चित बनी हुई है। उसके मुताबिक उत्तर कोरिया के पास ऐसे तोपखाने हैं, जिनकी तैनाती रूस में हुई है। उत्तर कोरिया ने भी अपने यहां उन तोपखानों की तैनाती कर रखी है। ये जगह दक्षिण कोरिया से सिर्फ लगभग 50 किलोमीटर दूर है। बताया जाता है कि उत्तर कोरिया के तोपखाने सोवियत संघ के दौर में रूस में विकसित किए तोपखानों की तरह हैं। उत्तर कोरिया और रूस आज भी इस डिजाइन के तोपखानों का इस्तेमाल कर रहे हैँ।
यूक्रेन के साथ रूस के जारी युद्ध के बीच वागनेर ग्रुप लगातार चर्चा में रहा है। इस ग्रुप के पास अपने सैनिक हैं और बताया जाता है कि उनकी तैनाती यूक्रेन में अधिक जोखिम वाली जगहों पर की गई है। बताया जाता है कि जोखिम वाली जगहों पर लड़ाई लड़ने के लिए ये सैनिक रूस के नियमित सैनिकों की तुलना में अधिक प्रशिक्षित हैं।
वेबसाइट एशिया टाइम्स पर छपे एक विश्लेषण में कहा गया है कि अगर उत्तर कोरिया ने सचमुच वागनेर ग्रुप को हथियार दिए हैं, तो उसका यह मतलब माना जाएगा कि रूस की युद्ध योजना में इस समूह की भूमिका बढ़ती जा रही है। ह्वाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जैक किर्बी ने अमेरिका के पास मौजूद सूचना का हवाला देते हुए गुरुवार को कहा था कि उत्तर कोरिया ने वागनेर ग्रुप को रॉकेट और मिसाइलों समेत हथियारों की एक बड़ी खेप दी है।
इसके बाद संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने आरोप लगाया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य होने के बावजूद उत्तर कोरिया से हथियार लेकर रूस सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने इसे रूस की ‘निंदनीय’ कार्रवाई बताया। टोक्यो शिम्बुन ने की रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया था कि उत्तर कोरिया ने रूस को करोड़ों डॉलर के हथियार दिए हैं और खेप 20 नवंबर को रूस पहुंच गई थी। रूस ने तुमेन नदी के ऊरप से पुल बना कर उत्तर कोरिया के साथ अपना जमीनी संपर्क बनाया हुआ है। इस ‘फ्रेंडशिप ब्रिज’ के जरिए दोनों देशों के बीच ट्रेनें आती-जाती हैँ।