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Pakistan: अमेरिकी प्रतिबंधों के डर से पाकिस्तान ने बदला गैस पाइपलाइन का ढांचा, रूस ने जताई नाराजगी

Sun, 29 Oct 2023 06:35 AM IST
गुलाम अहमद एजेंसी, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान स्ट्रीम गैस पाइपलाइन परियोजना के ढांचे में बार-बार हो रहे बदलाव के कारण कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
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Anwaarul Haq Kakar - फोटो : UN TV
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विस्तार
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पाकिस्तान ने अमेरिकी दबाव में पाकिस्तान स्ट्रीम गैस पाइपलाइन परियोजना के ढांचे में फिर बदलाव किया है। इसे लेकर रूस नाराज है। दरअसल पाकिस्तानी अधिकारी दीर्घकालिक तेल समझौते पर चर्चा के लिए 10 अक्तूबर को रूस गए थे, जहां गैस पाइपलाइन परियोजना पर भी चर्चा हुई। लेकिन रूस से लौटने पर कराची से लाहौर के बीच एलपीजी पाइपलाइन का ढांचा उसने बदल दिया। यह काम रूस को दिया गया है। पाक ने इस ढांचे में छठी बार बदलाव किया है। इस पर रूस ने नाराजी जताई है।

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पाकिस्तान स्ट्रीम गैस पाइपलाइन परियोजना कराची से लाहौर तक तरल प्राकृतिक गैस (एलपीजी) पाइपलाइन बनाने के लिए शुरू की गई है। इसका उद्देश्य पंजाब प्रांत में गैस की कमी को दूर करना है। पाकिस्तानी अधिकारी दीर्घकालिक तेल समझौते पर चर्चा के लिए 10 अक्तूबर को रूस गए थे। इस यात्रा के दौरान गैस पाइपलाइन परियोजना भी एजेंडे में थी।

पाक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जब पाकिस्तानी अधिकारियों ने रूसी अधिकारियों के सामने गैस पाइपलाइन परियोजना पर चर्चा शुरू की तो उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। परियोजना के ढांचे में बदलाव से रूसी अधिकारी इतने नाराज हुए कि उन्होंने इस पर चर्चा करने से भी इनकार कर दिया।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में इस परियोजना के लिए रूसी कंपनी आरटी ग्लोबल और पाकिस्तान सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी इंटर स्टेट गैस सिस्टम्स (आईएसजीएस) के बीच समझौता हुआ था। लेकिन रूस की तरफ से इस परियोजना के लिए आरटी ग्लोबल को नामित किए जाने के बाद अमेरिका ने रूसी कंपनी पर प्रतिबंध लगा दिया। जिसके कारण कंपनी को परियोजना से अलग होना पड़ा। इसके बाद इसका नाम बदलकर उत्तर-दक्षिण गैस पाइपलाइन परियोजना कर दिया गया। तब से, पाकिस्तान और रूस लगभग छह बार पाइपलाइन की संरचना बदल चुके हैं, लेकिन इसे पूरा करने का कोई रास्ता नहीं ढूंढ पाए।

जुलाई 2021 में पाकिस्तान और रूस ने परियोजना के ढांचे में बदलाव किया और निर्णय लिया कि पाकिस्तान सरकार के स्वामित्व वाली गैस कंपनियों के पास कुल फंडिंग का 74 प्रतिशत हिस्सा होगा, जबकि रूसी कंपनियों के पास 26 प्रतिशत शेयर होंगे। पाकिस्तान की इमरान खान सरकार और रूस ने मई 2021 में पाइपलाइन परियोजना पर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए एक संशोधित अंतर सरकारी समझौते (आईजीए) पर हस्ताक्षर किए। रूस में तत्कालीन पाकिस्तानी राजदूत शफकत अली खान ने रूसी ऊर्जा मंत्री निकोलाई शुल्गिनोव के साथ आईजीए के प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए थे।

इस संशोधित सौदे के तहत यह निर्णय लिया गया था कि परियोजना को लागू करने के लिए इस समझौते के 60 दिनों के भीतर पाकिस्तान स्ट्रीम गैस पाइपलाइन विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) भी स्थापित किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक इस सौदे पर कोई प्रगति नहीं हुई है।

इमरान खान की सरकार गिरने के बाद पीएमएल-एन के नेतृत्व में पाकिस्तान में गठबंधन की सरकार बनी। इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने फिर से रूसी पक्ष को परियोजना के ढांचे में बदलाव करने का प्रस्ताव दिया, और कहा गया कि इसे बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) आधार पर पूरा किया जाना चाहिए। पाकिस्तान के इस रवैये के कारण रूस नाराज हो गया और मॉस्को में हुई वार्ता के दौरान इस विषय पर चर्चा करने से इनकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार, कई हितधारकों की भागीदारी के कारण गैस पाइपलाइन परियोजना में देरी हुई है। 

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