Russia: रूस ने जासूसी और गलत जानकारी देने के आरोप में एक ब्रिटिश राजनयिक की मान्यता रद्द कर उसे दो हफ्तों में देश छोड़ने का आदेश दिया। इसके अलावा, रूसी विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन की कार्यवाहक उच्चायुक्त कोतलब किया है।
रूस ने सोमवार को जासूसी के आरोप में एक ब्रिटिश राजनयिक को देश से निष्कासित किया और उसे दो हफ्तों के भीतर मॉस्को को छोड़ने का आदेश दिया। रूस की संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) ने यह जानकारी दी।
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एफएसबी सोवियत काल की केजीबी की प्रमुख उत्तराधिकारी संस्था है। इसने एक बयान में कहा, जानसे वैन रेंसबर्ग की मान्यता रद्द करने का फैसला लिया गया है। उन्हें दो सप्ताह के भीतर रूस छोड़ने का आदेश दिया गया है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
इससे पहले सोमवार को रूस के विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन की कार्यवाहक उच्चायुक्त डैने डोलाकिया को तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा, यह कदम इस खुलासे के बाद उठाया गया कि ब्रिटिश दूतावास के एक कर्मचारी ने देश में प्रवेश पाने के लिए अपने बारे में 'जानबूझकर गलत जानकारी'दी थी।
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मंत्रालय ने कहा, एफएसपी ने अपनी खुफिया विरोधी गतिविधियों के दौरान पाया कि मॉस्को में ब्रिटिश दूतावास के नाम पर ब्रिटेन की खुफिया मौजूदगी छिपाई जा रही थी। इसने आगे कहा, रूसी कानूनों के उल्लंघन और 1961 के वियना सम्मेलन (कन्वेंशन) के अनुच्छेद 9 के अनुसार इस व्यक्ति की मान्यता रद्द किए जाने की जानकारी ब्रिटिश पक्ष को दी गई।
रूस के विदेश मंत्रालय के अनुसार, एफएसबी की जांच में पता चला कि दूतावास के द्वितीय सचिव ने अपने वीजा आवेदन में जानबूझकर गलत जानकारी दी थी, जो रूसी कानून का सीधा उल्लंघन है। इसके अलावा, एजेंसी ने रेंसबर्ग के खुफिया और विघटनकारी गतिविधियों में शामिल होने के संकेत भी पाए, जो रूस की सुरक्षा के लिए खतरा थे।
जनवरी में भी मॉस्को ने ब्रिटिश दूतावास के एक द्वितीय सचिव को जासूसी गतिविधियों का पता चलने के बाद देश से निष्कासित कर दिया था।