इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 26 मार्च को ही दावा कर दिया था कि आईआरजीसी की नौसेना के कमांडर अलीरेजा तंगसीरी हवाई हमले में मारे गए हैं। नेतन्याहू ने बताया था कि तंगसीरी को होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने का जिम्मा सौंपा गया था।
ईरान ने सोमवार को रिवोल्यूशनरी गार्ड के नौसेना प्रमुख रियर एडमिरल अलीरेजा तंगसीरी के निधन की पुष्टि की है। इस्राइल ने गुरुवार को दावा किया था कि उसने अलीरेजा तंगसीरी को मार गिराया है।
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गंभीर चोटों की वजह से मौत
सरकारी टेलीविजन पर सोमवार को रिवोल्यूशनरी गार्ड की ओर से जारी एक बयान में मौत की पुष्टि की गई। इस बयान में कहा गया कि तंगसीरी अपनी चोटों की गंभीरता के कारण जन्नतनशीं हो गए।
होर्मुज पर ईरानी नियंत्रण बढ़ाने में निभाई बड़ी भूमिका
आईआरजीसी के बयान में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर उनकी भूमिका की तारीफ की गई। आईआरजीसी ने बताया कि तंगसीरी ने खासतौर से होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई थी। बयान में कहा गया, "हर लड़ाका एक तंगसीरी है। हम देखेंगे कि वे आने वाले दिनों और महीनों में क्या आश्चर्य लाएंगे।"
ईरान के अगले फैसले पर होगी नजर
तंगसीरी की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल अब ये है कि ईरान की ओर से किसे अगला नौसेना प्रमुख बनाया जाता है। दरअसल, ईरान ने होर्मुज जलजमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखने का दावा किया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्जा करने का इशारा कर दिया है। ऐसे में सभी की नजरें ईरान के इस फैसले पर होगी कि वो किसे अगला नौसेना प्रमुख बनाएगा।
पांच दिन बाद मौत की पुष्टि
इस्राइल ने 26 मार्च की रात को आईडीएफ के एक सटीक और खतरनाक अभियान में आईआरजीसी के नौसेना कमांडर तंगसीरी और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों को मार गिराने का दावा किया था। इससे पहले इस्राइली मीडिया ने एक अज्ञात सूत्र के हवाले से बताया था कि तंगसीरी हवाई हमले में मार गए हैं। हालांकि, तब ईरान ने आधिकारिक तौर पर उनकी मौत की पुष्टि नहीं की थी।