रूस की ओर से यूक्रेन के खिलाफ छेड़ी गई जंग को अब 19 दिन हो चुके हैं। कीव या खारकीव जैसे शहरों पर कब्जा न जमा पाने की खीझ अब रूसी सैनिकों में दिखने लगी है। रूस ने सबसे बड़ा हमला मारियुपोल शहर पर किया है, जहां उसकी तरफ से मैटरनिटी अस्पताल तक को निशाना बनाकर बम बरसाए गए हैं। इस हमले में जान बचाकर भाग रही एक प्रेग्नेंट महिला और उसके अजन्मे बच्चे की मौत हो गई। बताया गया है कि बम विस्फोट इतने भीषण थे कि राहत-बचावकर्मियों को आनन-फानन में अस्पताल खाली कराने पड़े।
हाल ही में बमबारी में ध्वस्त हुए एक मैटरनिटी हॉस्पिटल की कुछ फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल हुई है, जिसमें बचावकर्मियों को एक घायल प्रेग्नेंट महिला को स्ट्रेचर पर अस्पताल से बाहर निकालते और एंबुलेंस की तरफ ले जाते देखा जा सकता है। बताया गया है डॉक्टरों ने प्रसव के दौरान उसे बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन महिला इतनी बुरी तरह घायल थी कि उसे और उसके बच्चे को बचाया नहीं जा सका।
डॉक्टर बोले- 'महिला कमर की हड्डी टूटी, नहीं रुक रहा था खून का रिसाव'
अधिकारियों के मुताबिक, इस घायल महिला को जल्दबाजी में पास के ही एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए पहले उसके बच्चे को बचाने की कोशिश की। हालांकि, महिला के जख्मों से खून का रिसाव रुख नहीं रहा था। यहां तक कि उसकी कमर की हड्डी तक टूटी थी। इस बीच डॉक्टरों ने किसी तरह प्रसव करवाया, लेकिन बच्चा मृत पैदा हुआ। डॉक्टरों के मुताबिक, अपने बच्चे को मृत देखकर महिला ने भी खुद को मार देने की गुहार लगाई।
डॉक्टरों का कहना है कि प्रसव के बाद उन्होंने महिला को बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन लगभग आधे घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई। जान बचाने की इस जल्दबाजी में डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन उस महिला का नाम तक नहीं जान पाया। हालांकि, बाद में महिला के पति और पिता उसके शव को साथ ले गए। डॉक्टरों का कहना है कि अच्छा हुआ कि महिला के परिजन उसका शव ले गए, वर्ना मारियूपोल में लोगों के शव एक साथ दफनाने के लिए मास ग्रेव (एक साथ कई कब्रें) बनाई जा चुकी हैं।
मैटरनिटी हॉस्पिटल से जहां-तहां भागती नजर आई थीं गर्भवती महिलाएं
मारियूपोल से कुछ और तस्वीरें भी सामने आई थीं, जिनमें गर्भवती महिलाओं को जान बचाने के लिए जहां-तहां भागते देखा जा सकता है। बमबारी में बची एक ब्लॉगर मारियाना विशेगिरस्काया के मुताबिक उन्होंने बमबारी के एक दिन बाद ही बेटी को जन्म दिया। बमबारी के दिन उनकी जो फोटो सामने आई थी, उसमें उन्हें एक बैग लेकर भागते देखा जा सकता था। बताया गया है कि यह घटना नौ मार्च को हुई थी।