सूडान में अप्रैल 2023 से शुरू हुआ गृहयुद्ध लगातार जारी है। सेना के खिलाफ लड़ रहे अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) ने शनिवार को दारफुर में एक शरणार्थी शिविर पर कई घंटों तक गोलीबारी की। इस गोलीबारी में 31 लोगों की मौत हो गई, जिनमें सात बच्चों और एक गर्भवती महिला की मौत भी शामिल है।
सूडान में लगातार हिंसा जारी है। सेना के खिलाफ लड़ रहे अर्धसैनिक बल आरएसएफ ने शनिवार (स्थानीय समयानुसार) को दारफुर के पश्चिमी क्षेत्र में एक शरणार्थी शिविर पर गोलीबारी की। गोलीबारी में सात बच्चों और एक गर्भवती महिला समेत कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई। एक चिकित्सा समूह ने बताया कि शिविर पर एक हफ्ते से बी कम समय में यह दूसरा हमला था।
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सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क के अनुसार, उत्तरी दारफुर प्रांत की प्रांतीय राजधानी अल-फशर के बाहर अबू शौक शिविर पर रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) द्वारा गोलीबारी की गई। इस गोलीबारी में 31 लोगों की मौत हो गई और 13 अन्य घायल हो गए।
आरएसएफ ने शिविर पर कई घंटों तक बरसाईं गोलियां
अल-फशर में प्रतिरोध समितियों ने बताया कि आरएसएफ ने सुबह-सुबह शिविर पर कई घंटों तक गोलीबारी की। प्रतिरोध समितियों ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि इस हमले में निजी संपत्तियों और शिविर के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि आरएसएफ ने टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया।
पिछले हफ्ते भी अबू शौक पर किया था हमला
आरएसएफ ने पिछले हफ्ते भी अबू शौक पर हमला किया था। इस हमले में 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इस दौरान अर्धसैनिक बलों ने दारफुर में सेना के आखिरी गढ़ अल-फशर पर कब्जा करने की कोशिश की थी।
अबू-शौक और जमजम शिविर में भुखमरी की स्थिति
अबू-शौक, अल-फशर के बाहर विस्थापित लोगों के दो शिविरों में से एक है। इनमें एक जमजम शिविर भी शामिल है। ये दोनों ही शिविर आरएफएफ और उनके जंजवायद सहयोगियों के हमलों का बार-बार निशाना बने हैं। अप्रैल में हुए एक बड़े हमले में सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी और लाखों लोग अपने घर छोड़कर भागने को मजबूर हुए। इन दोनों शिविर में भुखमरी (अकाल) की स्थिति है।
सूडान में अप्रैल 2023 से जारी है गृहयुद्ध
सूडान में गृहयुद्ध अप्रैल 2023 से जारी है, जब सेना और आरएसएफ के कमांडरों के बीच सत्ता को लेकर संघर्ष शुरू हुआ था। इस लड़ाई ने पूर्वोत्तर अफ्रीकी देश को बर्बाद कर दिया है। अब तक करीब 1.4 करोड़ बेघर हो चुके हैं और इसके कुछ इलाके भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं।
ICC मानवता के खिलाफ अपराधों की कर रहा जांच
इस लड़ाई में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। खासकर दारफुर क्षेत्र में सामूहिक हत्याएं और दुष्कर्म जैसी अमानवीय घटनाएं हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) संघर्ष में संभावित अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों की जांच कर रहा है।