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USA:अमेरिका में अब रोबोट्स ले लेंगे मानव सिक्युरिटी गार्ड्स की जगह! जानें यह कितना कारगर

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sun, 05 Mar 2023 12:39 PM IST

सार

रोबोट्स को इस भूमिका में तैनात करने वाली कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि रोबोट की सेवा लेना सस्ता पड़ता है। रोबोट्स ऊबते नहीं हैं और उन्हें चौबीसों घंटे ड्यूटी पर रखा जा सकता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pexels


रोबोट्स को इस भूमिका में तैनात करने वाली कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि रोबोट की सेवा लेना सस्ता पड़ता है। रोबोट्स ऊबते नहीं हैं और उन्हें चौबीसों घंटे ड्यूटी पर रखा जा सकता है। रोबोट्स आने वाले लोगों की जांच करते हैं, उन्हें गले में लटकाने के लिए बैज देते हैं, अलार्म बजने पर जरूरत के मुताबिक प्रतिक्रिया करते हैं, दुर्घटनाओं की सूचना देते हैं और साथ ही उनकी नजर उन बारीक चीजों पर भी रहती है, जिन्हें सिक्युरिटी कैमरे नहीं देख पाते। इन रोबोट्स के साथ कम्युनिकेशन सिस्टम के जरिए संवाद किया जा सकता है और समस्याओं की शिकायत उनके पास दर्ज कराई जा सकती है।


फॉरेस्टर रिसर्च नाम की एक संस्था की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक सिक्युरिटी गार्ड्स के रूप में रोबोट्स को तैनात कर कंपनियां औसतन हर साल 79 हजार डॉलर की बचत कर सकती हैँ। दफ्तरों को रोबोट सिक्युरिटी गार्ड्स की सेवा देने वाली कंपनी कोबाल्ट रोबोटिक्स के सीओओ माइक ली ब्लांक ने बताया है कि उनकी कंपनी किसी खास इमारत या एलिवेटर्स की अपनी जरूरत के मुताबिक रोबोट्स तैयार करती है। उन्होंने वेबसाइट एक्सियोस.कॉम से कहा- रोबोट्स को जरूरत के मुताबिक ढाला जा सकता है। उनके सामने टैब लगा होता है, जिसके जरिए यूजर कंपनी से दिन या रात कभी संपर्क कर सकते हैं। साथ ही अगर इमारत में कहीं लीक हुई हो या कोई दूसरी दिक्कत आई हो, तो रोबोट तुरंत उसकी सूचना देते हैं। दफ्तरों में अगर कोई अवांछित कार्य कर रहा हो, तो रोबोट इसकी जानकारी भी तुरंत दे देते हैं।


मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक घरों के अंदर और घर के बाहर तैनात करने के लिए अलग-अलग प्रकार रोबोट्स बाजार में हैं। कोबाल्ट कंपनी के रोबोट सिर्फ घरों के अंदर तैनात किए जा सकते हैँ। इन रोबोट्स में कर्मचारियों को उनकी कारों तक या अंधेरे पार्किंग स्थल तक गाइड करने की काबिलियत नहीं है। लेकिन नाइटस्कोप और एसएमपी कंपनियों के रोबोट खास कर ऐसे ही कार्यों के लिए बनाए गए हैँ। इन कंपनियों ने ऐसे रोबोट भी बनाए हैं, जो इनडोर और आउटडोर दोनों तरह की सेवाएं दे सकते हैँ। रोबोट्स के साथ-साथ अब कंपनियां ड्रोन्स की सेवाएं भी बड़े पैमाने पर ले रही हैं।


वैसे कई जानकारों ने आगाह किया है कि रोबोट्स पर पूरा भरोसा नहीं किया जा सकता है। सामान डिलिवरी करने वाले रोबोट्स के सड़क के किनारे या गड्ढों में गिर जाने की घटनाएं हुई हैं। उधर दूसरे किस्म के रोबोट्स के भी कई बार ठीक से काम ना करने के मामले सामने आए हैं। कुछ विश्लेषणों में इस बात पर संदेह जताया गया है कि आउटडोर तैनात रोबोट्स अपराध रोकने में सक्षम होंगे, लेकिन रोबोट कंपनियों का कहना है कि रोबोट्स के कामकाज में आने वाली गड़बड़ियां अपवाद हैं और उनका समाधान ढूंढा जा रहा है।

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