फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिकंजा: बांग्लादेश में पीएम मोदी के दौरे के समय हिंदुओं के घर जलाने वाला कंट्टरपंथी गिरफ्तार

Sun, 19 Sep 2021 11:46 PM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढ़ाका

सार

पुलिस ने कहा कि हमने कट्टरपंथी हिफाजत-ए-इस्लाम के नेता रिजवान रफीक को हिरासत में ले लिया है और हमारी स्पेशल टीम उससे पूछताछ करेगी। ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
विज्ञापन
बांग्लादेशी पुलिस - फोटो : ढाका ट्रिब्यून
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्च में बांग्लादेश दौरे के समय कंट्टरपंथी नेता रिजवान रफीक ने लोगों को हिंदुओं के प्रति भड़काया था और हिंदुओं के घरों को जला दिया था। यह घटना अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने काफी तेजी से उछाली थी इसके बाद बांग्लादेश की शेख हसीना सरकार पर कट्टपंथियों के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया। अब बांग्लादेश सरकार ने कट्टरपंथी संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

विज्ञापन


बांग्लादेश के स्थानीय अखबार के मुताबिक एडिश्नल डिप्टी कमिश्नर इफ्तेखार उल इस्लाम ने बताया कि ऐसे खतरनाक इरादे वाले लोगों को हम नहीं बख्शेंगे जो बांग्लादेश नफरत और अलगाववाद का एजेंडा चलाना चाहते हैं।

देर रात किया गया गिरफ्तार
रिजवान को पुलिस ने देर रात किसी अज्ञात स्थान से गिरफ्तार किया गया है। हालांकि ये नहीं पता है कि उसे कहां रखा गया है और उसके साथ कोई और भी गिरफ्तार हुआ है या नहीं इसकी कोई जानकारी नहीं है। साथ ही उसे गिरफ्तार करके तुरंत स्पेशल टीम के हवाले कर दिया गया था।
विज्ञापन


मई में एक विधायक को भी किया गया था गिरफ्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश यात्रा के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में  कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी समूह के नेता शाहजहां चौधरी को मई में गिरफ्तार कर लिया गया था। उसे पुलिस ने चट्टोग्राम के हाथजारी इलाके से गिरफ्तार किया और चटगांव कोर्ट ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया था।

बांग्लादेश के एक अखबार में छपी खबर के मुताबिक, चटगांव जिला पुलिस प्रमुख ने गिरफ्तार नेता के खिलाफ पर्याप्त सबूत होने का दावा किया था। पुलिस ने कहा था कि 26 और 27 मार्च को होने वाली हिंसा और बर्बरता में शाहजहां शामिल थे।

पुलिस के मुताबिक, मोदी की भारत वापसी के बाद 300 लोगों को इस हिंसा के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन रिजवान और उसके कुछ साथी फरार हो गए थे। इसके बाद से उनका कुछ पता नहीं था। अब वह बांग्लादेश सरकार की गिरफ्त में है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें