पाकिस्तान में लड़कियों के “लापता” होने की बढ़ती घटनाओं को लेकर खास कर सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा हो गया है। ताजी नाराजगी दुआ ज़ेहरा नाम की एक नाबालिग लड़की के गायब होने को लेकर भड़की है। दुआ पिछले 16 अप्रैल को कराची के अल फलह इलाके से अचानक गायब हो गई थी। सोमवार को पुलिस ने दावा किया कि उसका पता लगा लिया गया है। लेकिन इस घटना के साथ ही कई दूसरी लड़कियों का मामला भी चर्चा में आ गया है।
हालांकि कराची पुलिस ने दुआ ज़ेहरा का पता लगा लेने का दावा किया है, लेकिन वह कहां है, इस बारे में सोमवार रात तक उसने कोई जानकारी नहीं दी थी। कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि दुआ लाहौर में पाई गई है। लेकिन लाहौर पुलिस ने इसका खंडन कर दिया। कराची पुलिस ने कहा है कि दुआ का निकाह हो गया है। उसका मैरिज सर्टिफिकेट उसे मिल गया है। उस पर दर्ज पता के अनुसार वह दुआ की तलाश कर रही है।
उधर दुआ के पिता ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उनकी बेटी 14 साल की है। पाकिस्तान के कानून के मुताबिक 18 साल की उम्र होने के पहले लड़कियों का हुआ निकाह गैर-कानूनी माना जाता है। दुआ के पिता ने टीवी चैनल जियो न्यूज से कहा कि मैरिज सर्टिफिकेट पर जिन नाम-पतों का जिक्र है, उनके बारे में उन्हें रत्ती भर भी अंदाजा नहीं है।
इस घटना से पाकिस्तान में जन आक्रोश भड़क गया है। हाल ही में सत्ता से बाहर हुई पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश भी कर रही है। पार्टी की सिंध शाखा ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया है। वह दुआ के परिवार को गुमराह करने में लगी रही है। साथ ही उसने नाबालिग लड़की का चरित्र हनन करने की कोशिश भी की है। पीटीआई ने कहा है कि सिंध में ऐसी घटनाओं पर ध्यान देने के बजाय पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो विदेश यात्रा पर चले गए हैं। पीपीपी का मुख्य जनाधार सिंध प्रांत में ही है।