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Rishi Sunak Plans: यूके-भारत संबंधों को बनाना चाहते हैं दोतरफा, एक सुरक्षित ब्रिटेन बनाने की खाई कसम

Mon, 24 Oct 2022 08:26 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

सुनक ने कहा, मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि हमारे छात्रों के लिए भी भारत की यात्रा करना और सीखना आसान हो, हमारी कंपनियों और भारतीय कंपनियों के लिए एक साथ काम करना भी आसान हो। 
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Rishi Sunak - फोटो : twitter/@Rishi Sunak
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विस्तार
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ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री बनने वाले ऋषि सुनक ने हाल ही में कहा था कि वह ब्रिटेन-भारत संबंधों को बदलना चाहते हैं ताकि दोतरफा आदान-प्रदान किया जा सके जिससे भारत में यूके के छात्रों और कंपनियों तक आसानी से पहुंच बन सके। अगस्त में ब्रिटिश इंडियन कंजरवेटिव पार्टी के सदस्यों की एक सभा को संबोधित करते हुए यॉर्कशायर ब्रिटेन में जन्मे 42 वर्षीय भारतीय मूल के टोरी सांसद ने देश को मुद्रास्फीति के कठिन समय से निकालने और एक बेहतर सुरक्षित ब्रिटेन बनाने की कसम खाई।

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भीड़ ने नारे लगाकर दिया समर्थन
जयकारे लगाने वाली भीड़ की आवाज से स्पष्ट था कि सुनक की भारतीय विरासत और जातीय अल्पसंख्यक पृष्ठभूमि की ब्रिटिश प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में कोई भूमिका नहीं थी। उत्तरी लंदन में कंजर्वेटिव फ्रेंड्स ऑफ इंडिया (सीएफआईएन) डायस्पोरा संगठन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व चांसलर ने नमस्ते, सलाम, केम छो और किड्डा जैसे पारंपरिक अभिवादन के  के साथ सभा का अभिवादन किया और यहां तक कि हिंदी में भी- आप सब मेरे परिवार हो कहा।

सीएफआईएन की सह-अध्यक्ष रीना रेंजर के द्विपक्षीय संबंधों के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि यूके-भारत संबंध महत्वपूर्ण हैं। हम अपने दोनों देशों के बीच सेतु का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम सभी यूके के लिए भारत में चीजें बेचने और काम करने के अवसर के बारे में बहुत जागरूक हैं, लेकिन वास्तव में हमें उस रिश्ते को अलग तरह से देखने की जरूरत है क्योंकि एक बहुत कुछ है जो हम यहां यूके में भारत से सीख सकते हैं।
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दोतरफा संबंध बनाने की वकालत 
उन्होने कहा, मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि हमारे छात्रों के लिए भी भारत की यात्रा करना और सीखना आसान हो, हमारी कंपनियों और भारतीय कंपनियों के लिए एक साथ काम करना भी आसान हो क्योंकि यह केवल एकतरफा संबंध नहीं है, यह दोतरफा संबंध है। और मैं उस रिश्ते में बदलाव लाना चाहता हूं। भारतीय मूल के जनरल प्रैक्टिशनर पिता यशवीर और फार्मासिस्ट मां उषा के यूके में जन्मे बेटे ने पिछले अभियान के दौरान अपनी प्रवासी जड़ों के बारे में विस्तार से बात की थी।  

सुनक ने पूर्वजों को किया याद 
सुनक ने कहा, मेरे नानीजी के पूर्वी अफ्रीका में एक विमान में चढ़ने के साठ साल बाद अक्टूबर में एक गर्म धूप शाम को उनकी परपोती, मेरे बच्चे, हमारे घर के बाहर गली में खेलते थे। दरवाजे पर रंगोली पेंट करते थे, चमचमाते दीये जलाते थे। दिवाली पर कई अन्य परिवारों की तरह त्योहार मनाते थे। कुछ महीने पहले अपने अभियान वीडियो में सुनक ने पत्नी और सास-ससुर का जिक्र किया था। ये व्यक्तिगत कहानी उनके सास-ससुर इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति के लिए एक भावनात्मक रूप से संदर्भित था और उन्होंने अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति की पारिवारिक संपत्ति को लेकर हुए हमलों का जवाब दिया। 

पिछले कुछ महीनों में गरमागरम टेलीविजन बहसों के दौरान उन्होंने कहा, मेरे सास-ससुर ने जो कुछ बनाया है, उस पर मुझे वास्तव में बहुत गर्व है। एक धर्मनिष्ठ हिंदू के रूप में सुनक उस मंदिर में नियमित जाते हैं जहां उनका जन्म साउथेम्प्टन में हुआ था और उनके बेटियां, अनुष्का और कृष्णा भी भारतीय संस्कृति में रंगी हैं। उन्होंने हाल ही में साझा किया कि कैसे अनुष्का ने जून में वेस्टमिंस्टर एब्बे में क्वीन्स प्लेटिनम जुबली समारोह के लिए अपने सहपाठियों के साथ कुचिपुड़ी का प्रदर्शन किया था।

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