फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rishi Sunak: ऋषि सुनक के खिलाफ बगावत की धमकी, टालना पड़ा अहम विधेयक पर मतदान

Wed, 23 Nov 2022 07:47 AM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

यह विधेयक बुधवार को हाउस आफ कामंस में चर्चा के लिए वापस आएगा और इस पर अगले सोमवार को मतदान होने वाला था। पीएम सुनक के समक्ष इस विधेयक पर मतदान में हार का खतरा है। यदि 47 बागी सदस्यों को विरोधी लेबर व अन्य विपक्षी दलों का समर्थन मिला तो उनकी पहली पराजय हो सकती है। 

विज्ञापन
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ब्रिटेन के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री ऋषि सुनक को पहली बार अपनी ही पार्टी के सांसदों की बगावत की धमकी का सामना करना पड़ा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस कारण उन्हें ब्रिटिश सरकार की मकान निर्माण की योजना संबंधी विधेयक (Levelling-Up and Regeneration Bill) पर मतदान टालना पड़ा।

विज्ञापन


मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सुनक की टोरी पार्टी के करीब 47 व अन्य सांसदों के साथ मिलकर लेवलिंग-अप व रिजनरेशन बिल में संशोधन के प्रस्ताव पर दस्तखत किए हैं। इससे स्थानीय परिषदों द्वारा अनिवार्य रूप से मकानों के निर्माण के लक्ष्य को पूरा करने पर रोक लग सकती है। 



यह विधेयक बुधवार को हाउस ऑफ कामंस में चर्चा के लिए वापस आएगा और इस पर अगले सोमवार को मतदान होने वाला था। पीएम सुनक के समक्ष इस विधेयक पर मतदान में हार का खतरा है, क्योंकि उन्हें सिर्फ 69 सदस्यों का कामकाजी बहुमत हासिल है। यदि 47 बागी सदस्यों को विरोधी लेबर व अन्य विपक्षी दलों का समर्थन मिला तो उनकी पहली पराजय हो सकती है। 
विज्ञापन


इस विधेयक पर आज चर्चा की संभावना है, लेकिन एक सरकार अधिकारी का कहना है कि इस पर मतदान सोमवार को नहीं होगा। अधिकारी ने कहा कि सदन की कार्यसूची में इसके लिए वक्त की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि लेवलिंग-अप मंत्री मिशेल गोव अगले कुछ सप्ताहों में इस विधेयक पर सांसदों के साथ चर्चा जारी रखेंगे और उम्मीद है कि वे क्रिसमस बाद तक मतदान टालने में कामयाब रहेंगे। 
ब्रिटिश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मकान निर्माण करना चाहती है, इसलिए यह विधेयक लाकर स्थानीय निकायों के लिए लक्ष्य तय कर अनिवार्य रूप से उनका निर्माण कराना चाहती है। कंजरवेटिव पार्टी व विपक्ष यदि इसमें संशोधन लाकर योजना पर अमल रुकवा दें तो यह सुनक सरकार के लिए एक तरह की हार या बड़ा झटका हो सकता है। देखना होगा बुधवार को होने वाली बहस में सुनक सरकार व उनकी पार्टी के सांसद तथा विपक्षी दल क्या रुख अपनाते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें