उत्तर कोरिया ने मंगलवार को जापान के ऊपर से अपनी एक मिसाइल टेस्ट की। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अपने देश के लिए इस घटना को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया है। उत्तर कोरिया की यह मिसाइल जापान के होक्कैदो के एरिमोमिसाकी के ऊपर से गुजरी और इस दौरान लोग छिपने के लिए भागते दिखे।
कोरिया द्वारा जापान के पूर्वी तट की तरफ दागी गई ऐसी पहली बैलिस्टिक मिसाइल है जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। उत्तर कोरिया पर नजर रख रहे विशेषज्ञों का कहना है कि यह अब तक की सबसे उत्तेजक कार्रवाई हो सकती है।
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क्यों है बड़ा मसला?
कई विशेषज्ञ बता रहे हैं कि जब भी उत्तर कोरिया ने जापान की ओर रॉकेट भेजा है उसने यह दावा किया है कि वो उपग्रहों को ले जा रहे थे। लेकिन इस बार यह कहीं अधिक खुला खतरा दिख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यह ह्वासॉन्ग-12 मिसाइल थी जिसे बड़े परमाणु पेलोड को कम मध्यम दूरी तक ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है।
हावर्ड कैनेडी स्कूल के डॉ. जॉन पार्क ने बताया, यह बहुत बोल्ड, उत्तेजक और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत प्रतिबंधित है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक प्रस्ताव के तहत किसी भी तरह के परमाणु हथियार और मिसाइल को विकसित करने पर उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगा रखा है।
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पूर्वी एशिया में अमेरिका के पूर्व राजदूत क्रिस्टोफर आर हिल और उत्तर कोरिया के पूर्व अमेरिकी वार्ताकार ने ट्विटर पर इसे उत्तर कोरिया की अब तक की सबसे गंभीर मिसाइल परीक्षण कहा है। डिप्लोमैट अंकित पांडा ने इस पर सहमति जताते हुए लिखा, मंगलवार का यह परीक्षण संभवतः अब तक का सबसे उत्तेजक बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण है जिसे उत्तर कोरिया ने तीन दशकों के दौरान किया है।