दक्षिण अफ्रीका के क्वाजुलु-नटाल प्रांत के गांव शायामोया में उस वक्त हड़कंप मच गया था, जब एक बिना सिर वाली लाश मिली थी। 25 साल की जानेल लाशवेयो जुलाई से लापता थीं। उनका परिवार मानता है कि वह नरभक्षण का शिकार हुईं। इस मामले में पुलिस अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
यह मामला तब सामने आया जब खुद को पारंपरिक चिकित्सक बताने वाला एक शख्स पुलिस के पास पहुंचा और उसने स्वीकार किया कि वह इंसान का मांस खाते खाते थक चुका है। उसकी निशानदेही पर जानेल का शव बरामद किया गया।
सबूत के तौर पर खून से लथपथ हाथ-पांव
खबरों के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने पहले उसकी बात पर भरोसा नहीं किया। लेकिन जब उसने खून से लथपथ हाथ-पांव सबूत के तौर पर पेश किए तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।इसके बाद वह पुलिस को अपने किराये के घर में ले गया जहां खाना पकाने के एक बर्तन में आठ मानव कान रखे हुए थे।
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माना जा रहा है कि यह आरोपी की ओर से ग्राहकों को पेश किए जाने थे। उन्हें बताया गया था कि इसे खाने से उन्हें पैसा, ताक़त और हिफ़ाज़त मिलेगी। वहां एक और सूटकेस में शरीर के कई हिस्से मिले। जानेल लाशवेयो के खून से सने और फटे हुए कपड़े भी पुलिस ने बरामद किए हैं। उनके परिवार ने कपड़ों की पहचान कर ली है। हालांकि ये हिस्से जानेल के शरीर के ही हैं, इसकी पुष्टि के लिए पुलिस अभी डीएनए नतीजों का इंतजार कर रही है।
बहुत दर्दनाक मौत
जानेल के परिवार ने अभी उनके शरीर के हिस्सों को दफनाया नहीं है। उनकी बड़ी बहन नोजिफो एन्टेलेले ने अपने आंसू पोंछते हुए कहा, ''हम बस यही सोच रहे हैं कि उसने कैसे अपनी जान की भीख मांगी होगी। उसे बहुत दर्दनाक मौत मिली।'' उन्होंने कहा, "उसके कपड़े घास और धूल से सने थे, जिससे साफ़ है कि उसने अपनी जान बचाने के लिए बहुत कोशिश की थी।"