दो बड़े खमेर रूज नेताओं को कंबोडिया में मानवता के खिलाफ अपराध के लिए उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई गई है। कंबोडिया में संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक ट्रिब्यूनल ने उन्हें यह सजा सुनाई।
जिन दो नेताओं को सजा सुनाई गई है उनमें नुऑन चिया पोल पॉट के डिप्टी थे और खियू संफान माओवादी शासन के प्रमुख थे। वे पहले आला नेता हैं जिन्हें इन अपराधों के लिए ज़िम्मेदार ठहराया गया है।
समझा जाता है कि खमेर रूज़ शासन के दौरान क़रीब 20 लाख लोग भूख, अत्यधिक काम या मौत की सज़ा की वजह से मारे गए थे। 1975 से 1979 के बीच रहे इस शासन के दौरान एक कृषि प्रधान समाज बनाने की कोशिश की गई थी।
इस दौरान शहर खाली करा लिए गए थे और उनके निवासियों को जबरन ग्रामीण सहकारी संस्थाओं में झोंक दिया गया था। कई काम की वजह से मारे गए और दूसरे अर्थव्यवस्था चरमराने के बाद भूख से मर गए।