छोटे बच्चों के माता-पिता के लिए यह दृश्य काफ़ी परिचित सा है। आप सामान की ख़रीदारी में व्यस्त हैं और आपका बच्चा तय कर लेता है कि वह पेशाब करने के लिए और इंतज़ार नहीं कर सकता लेकिन एक दंपत्ति ने जब अपने बच्चे को खुले में पेशाब करने की इजाज़त दी, तो इस पर चीन के सोशल मीडिया में एक बड़ा बखेड़ा पैदा हो गया है।
अब ऐसा लगता है कि चीन में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले सभी लोग जान चुके हैं कि हॉन्गकॉंन्ग की एक भीड़भाड़ वाली गली में क्या हुआ था।
इंटरनेट पर साझा की जा रही तस्वीर में एक मां हाथ में एक नैपी पकड़े हुए है जबकि उनका दो साल का बच्चा पेशाब कर रहा है। उस गली से गुजरने वाले लोग इस दृश्य की तस्वीर खींचते हैं, जो बाद में इंटरनेट पर साझा की जाती है।
क्या है पूरा मामला?
इस घटना का वीडियो भी इंटरनेट पर साझा किया गया है, जिसमें भीड़ बच्चे के माता-पिता से हाथापाई करती दिखाई देती है, बच्चे की माँ बार-बार दोहराती है कि वह बच्चे को उस समय शौचालय में लेकर नहीं जा सकती थी।
इस घटना की तस्वीर को चीन के सबसे बड़े सोशल नेटवर्क साइना वीबो पर दस लाख से अधिक लोग साझा कर चुके हैं और ये टॉप ट्रेडिंग टॉपिक बन गया है। आख़िर एक बच्चे से जुड़ी छोटी सी घटना पर इतना हंगामा क्यों मच रहा है? हॉन्गकॉन्ग में 'सार्वजनिक रूप से पेशाब या शौच करना' गैरक़ानूनी है और इसके लिए दो हज़ार हॉन्गकॉंन्ग डॉलर का जुर्माना हो सकता है।
लेकिन ऑनलाइन टिप्पणी करने वाले इस तथ्य को ज़्यादा महत्व दे रहे हैं कि ये पर्यटक परिवार चीन का रहने वाला था न कि हॉन्गकॉंन्ग का स्थानीय निवासी। बीबीसी चाइना के मार्टिन यिप कहते हैं, "इससे हॉन्गकॉन्ग के लोगों को लग सकता है कि शेष चीन के लोग कम शिष्ट हैं।"
'सुंदर और आधुनिक शहर'
हॉंन्गकॉंन्ग में पैदा हुईं और ब्रिटेन में रहने वाली शारमेन स्वेय ने बीबीसी ट्रेंडिंग को बताया कि वो मेनलैंड चीन के पर्यटकों को शॉपिंग सेंटर और रेस्तरां में पेशाब करता देखकर 'शर्मिंदा' महसूस करती हैं। वो कहती हैं, "हॉन्गकॉन्ग एक सुंदर और आधुनिक शहर है। ये लोग इसके बारे में क्या सोचते हैं?"
चीन में लोगों के साथ-साथ सरकारी मीडिया में भी माता-पिता के व्यवहार की आलोचना हुई है। लेकिन लोगों में हॉन्गकॉन्ग के स्थानीय लोगों की कड़ी आलोचना को लेकर भी नाराज़गी है। एक व्यक्ति ने लिखा, "ये केवल दो साल का बच्चा है जो पेशाब रोककर नहीं रख सकता। क्या आप इस पर भी ध्यान नहीं दे सकते?"
एक वेबसाइट के सर्वेक्षण में 64 फ़ीसदी लोगों ने स्वीकार किया कि वे विशेष परिस्थितियों में बच्चों के पेशाब करने की ज़रूरत को समझ सकते हैं।
एक लोकप्रिय वेबसाइट टिआन्या के एक अनाम यूज़र ने हॉन्गकॉन्ग की घटना पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए कहा कि वह इस घटना के ख़िलाफ़ एक जन अभियान चला रहे हैं।
उन्होंने अपने देशवासियों से अनुरोध किया, "आप अपने बच्चों को हॉन्गकॉन्ग लेकर आएं और उनको हॉन्गकॉन्ग की गलियों में पेशाब करने दें। हम देखते हैं कौन आएगा और तस्वीरें लेगा।"
(हाना मूरे की रिपोर्ट पर आधारित)