युद्ध प्रभावित यमन में फंसे भारतीयों को वापस लाने का काम शुरू हो चुका है। गुरुवार तड़के 300 से अधिक भारतीय स्वदेश पहुँचे। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार गुरुवार तड़के भारतीय वायुसेना का एक विमान 168 भारतीयों को लेकर केरल के कोच्चि पहुंचा।
वहीं भारतीय वायुसेना के एक दूसरे विमान से 190 भारतीय मुंबई पहुंचे। यमन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए भारतीय नौसेना और वायुसेना मिलकर अभियान चला रहे हैं।
सभी भारतीयों को मंगलवार देर रात भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सुमित्रा से यमन के अदन से निकालकर पड़ोसी देश जिबूती लाया गया था। उसके बाद से वहाँ से इन सभी को वायुसेना के विमानों से भारत लाया गया। भारतीय नौसेना ने यमन से भारतीयों को निकालने के अभियान को 'ऑपरेशन राहत' नाम दिया है।
भारत पहुंचने पर हुआ स्वागत
कोच्ची पहुंचे लोगों का केरल के प्रवासी मामलों के मंत्री केसी जोसफ़, लोक निर्माण मंत्री इब्राहिम कुंजू और एर्नाकुलम के जिलाधिकारी ने स्वागत किया। केरल सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि 'नॉन रेजिडेंट केरलाइट्स अफेयर' प्रकोष्ठ यमन से लौटने वाले हर व्यक्ति को हवाई अड्डे पर दो हज़ार रुपए देगा। इसके अलावा उन्हें उनके घर तक पहुंचने के लिए यातायात की मुफ्त सुविधा भी दी जाएगी।
मुंबई में छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मौजूद भाजपा सांसद किरीट सोमैया ने यमन से लौट रहे लोगों के परिजनों को बताया कि वापस लौट रहे लोगों के रुकने की मुफ्त व्यवस्था महाराष्ट्र सरकार ने की है।
मुफ्त में घर तक पहुंचाऐगा रेलवे
सोमैया ने बताया कि यमन से लौटे लोगों को भारतीय रेलवे बगैर किसी किराए के उनके घर तक पहुँचाएगी और उन्हें यात्रा भत्ता भी दिया जाएगा।
मुंबई पहुंचे लोगों में ज्यादातर तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के निवासी हैं। यमन में शिया हूती विद्रोहियों की बढ़त को रोकने के लिए सऊदी अरब के नेतृत्व में गठबंधन बल ने पिछले हफ्ते हवाई हमले शुरू किए थे।