21वीं सदी की बड़ी समस्या दहेज प्रथा आज भी समाज में अपनी जड़े जमाए हुए है। शादी की खुशी को तनाव में बदलने वाला दहेज कई बार इतना घातक तक हो जाता है कि दहेज न देने पर शादियां टूट जाती हैं और लोग कर्जे में डूब जाते हैं। लोगों को लालची बनाने वाली यह प्रथा इस कदर उन्हें गिरा देती है कि वह अपनी बहू, पत्नी की हत्या तक कर देते हैं। लेकिन थाइलैंड की एक कंपनी ने इस समस्या का हल ढूंढ लिया है।
रोमेंटिएस कंपनी ने एक अनूठा बिजनेस शुरू किया है जो लोगों की दहेज संबंधी समस्या को आसानी से हल कर देता है। यह कंपनी दहेज का सामान किराए पर देने का काम करती है। जो लोग दहेज देने में सक्षम नहीं है वह इस कंपनी की सहायता से शादी समारोह में होने वाली शर्मिंदगी से बच जाते हैं।
थाइलैंड के चिंग-मे शहर में 3 महीने पहले शुरू हुई इस कंपनी का कहना है कि
दहेज प्रथा थाइलैंड की संस्कृति का एक अहम हिस्सा है जिसे वहां 'सिन सोड' कहा जाता है। इसे कन्या पक्ष की आर्थिक समपन्नता का प्रतीक माना जाता है। वहीं गरीब परिवारों को भी इस प्रथा का पालन करना पड़ता है।
ये कंपनी सस्ते किराये में दहेज मुहैया कराती है। ताकि गरीब परिवार नवविहाहित सहित सामान के साथ फोटो खिंचवाकर उन पलों को संजो सकें। लेकिन उन्हें सामान छूने की इजाजद नहीं दी जाती है जिसके लिए बाकायदा एक कॉन्ट्रैक्ट भी साइन करवाया जाता है।
अपनी सेवा देने के लिए कंपनी ने कुछ पैकेज भी निर्धारित किए हैं। यानि समारोह में अगर11 लाख रुपये और मर्सिडीज कार रखवानी है तो इसका 75 हजार रुपये किराया देना होता है। वहीं कंपनी का सबसे महंगा पैकेज 21 लाख रुपये का है जिसमें ज्वैलरी, नकद और सोने की सिल्लियां रखवाई जाती हैं।
यह सामान केवल दिखावे के लिए किराया पर दिया जाता है। कंपनी के मालिव तवान के मुताबिक 5 साल पहले शादी के दौरान उन्हें और उनकी पत्नी कांगकोई को भी ऐसी ही समस्या से जूझना पड़ा था जिसके बाद उन्होंने इस अनोखे बिजनेस की शुरुआत की।