दक्षिण चीन सागर में चल रहे विवाद के बीच वियतनाम ने इंडियन ऑयल के सौदे की समय सीमा को बढ़ा दिया है। इसके साथ ही वियतनाम ने इस क्षेत्र में तेल के लिए ड्रिलिंग भी शुरु कर दी है। गौरतलब है कि चीन, दक्षिण चीन सागर के पूरे क्षेत्र को अपना बताता है।
वियतनाम ने यह कदम उस वक्त उठाया है, जब दोनों देशों के बीच संबंध नाजुक स्थिति में है। वहीं भारत ने हाल में ही मलक्का पर निगरानी के लिए अपना एक युद्घपोत रवाना किया है। चीन की अधिकांश ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक आवाजाही इसी क्षेत्र से होती हैं।
कंपनी के कार्यकारी निदेशक नरेंद्र वर्मा ने बताया कि वियतनाम ने ओएनजीसी के करार को दो साल के एक्सटेंशन का आश्वासन लिखित रूप में दिया है। गौरतलब है कि इस क्षेत्र से हर वर्ष 5 ट्रिलियन डॉलर का व्यापार होता है। इस क्षेत्र पर चीन, वियतनाम समेत फिलिपिन्स, बर्लिन, मलेशिया और ताइवान भी अपना दावा करते हैं।