श्रीलंका में पूर्व लिट्टे कार्यकर्ताओं के समूह ने एक नई पार्टी के गठन का एलान किया है। उनका कहना है कि श्रीलंका के लोग मुख्यधारा के राजनीतिक दलों से निराश हो रहे हैं क्योंकि वे तमिल अल्पसंख्यकों की समस्याओं के समाधान में नाकाम रहे हैं।
पूर्वी बंदरगाह जिले त्रिंकोमाली के सामपुर में पुनर्वास यूनाइटेड लिबरेशन टाइगर्स मोर्चे का गठन शुक्रवार को किया गया है। इस मौके पर पार्टी के नेता कंदासमी इंदरासा ने कहा कि लोग मुख्य राजनीतिक पार्टियों से ऊब चुके हैं। वे तमिल समस्याओं को सुलझाने में नाकाम रहे हैं। हमारी पार्टी उत्तर और पूर्व में सभी क्षेत्रों से चुनाव मैदान में उतरकर लोगों को एक विकल्प देगी।
इंदरासा पूर्व में लिट्टे खुफिया विंग के सदस्य रह चुके हैं। उनका कहना है कि लिट्टे के कई पूर्व कार्यकर्ता, जो लिट्टे को अपनी सेवा दे चुके हैं, वे इस नई पार्टी से जुड़े हैं। गौरतलब है कि मई 2009 में तीन दशक लंबे सशस्त्र संघर्ष की समाप्ति के बाद तकरीबन 11000 पूर्व लिट्टे कार्यकर्ता इस समय सरकार के पुनर्वास कार्यक्रम से जुड़े हैं।