वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड में अब तक के ज्ञात सबसे छोटे तारे को खोज निकाला है। यह तारा शनि ग्रह के आकार से बस कुछ ही बड़ा है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस तारे की कक्षा में पृथ्वी के आकार के ग्रह हो सकते हैं, जिसमें पानी की भी संभावना है।
लंदन की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पृथ्वी से छह हजार प्रकाश वर्ष दूर स्थित इस तारे को खोजा है जिसे ‘इबीएलएम जे0555-57एबी’ नाम दिया गया है। यह तारा सामान्य तारों के मुकाबले काफी छोटा है। इस तारे का भार इतना है कि यह हाइड्रोजन नाभिक का संलयन कर उसे हीलियम में परिवर्तित कर सके।
अगर यह थोड़ा और छोटा होता तो तारे के केंद्र में पड़ने वाला दबाव इस प्रक्रिया को संपादित करने में सक्षम ना होता।