भ्रष्टाचार और कुशासन से निपटने के लिए भारत का पड़ोसी देश श्रीलंका ने भी सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून को लागू कर दिया। सरकार ने गत सप्ताह राजपत्र में आरटीआई के दायरे में आने वाले सरकारी प्राधिकरणों की श्रेणियां प्रकाशित की थीं।
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल श्रीलंका चैप्टर (टीआईएसएल) के आरटीआई प्रबंधक सांखित गुणारत्ने ने कहा, आज से आम लोग जो भी सूचना चाहते हैं, उसके लिए आवेदन कर सकते हैं। सभी सूचनाओं का खुलासा तभी किया जा सकता है अगर उसके खुलासे से में लोगों का हित जुड़ा हो।
टीआईएसएल ने कहा कि वह संबंधित सरकारी प्राधिकरणों में जनहित के कई आरटीआई आवेदनों को दायर करेगी जिसमें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की संपत्तियों और दायित्वों की जानकारी और चुनाव आयोग से राजनीतिक दलों की वित्तीय रिपोर्टों की सूचना मांगने वाला आवेदन भी शामिल हैं।
इसके बाद सरकारी प्राधिकरणों को अधिकतम 28 दिन के भीतर इस पर जवाब देना होगा। वर्ष 2015 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान मौजूदा सरकार की घोषणाओं में बड़े सुधारों की योजनाओं में से एक आरटीआई को लागू करना भी था।