श्रीलंका सरकार ने बुधवार को उन मीडिया रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें श्रीलंकाई राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ पर उनकी हत्या की साजिश रचने और भारत को अहम बंदरगाह परियोजना देने का विरोध करने का आरोप लगाया था। श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा कि रॉ द्वारा सिरीसेना की हत्या को लेकर साजिश की खबरों से से हम बेहद दुखी हैं। कैबिनेट बैठक में राष्ट्रपति के बयान का गलत मतलब निकाला गया।
हालांकि यह खबर सामने आने के बाद श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने इसका खंडन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात भी की। इससे पहले सरकार के प्रवक्ता और स्वास्थ्य मंत्री रजिथा सेनारत्ने ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर इन खबरों को निराधार और झूठा बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति सिरीसेना ने रॉ पर हत्या की साजिश रचने को लेकर कुछ नहीं कहा। साथ ही राष्ट्रपति सचिवालय में 16 अक्तूबर को हुई कैबिनेट बैठक में कोलंबो बंदरगाह का ईस्ट टर्मिनल प्रोजेक्ट भारत को देने का विरोध नहीं किया।
राष्ट्रपति ने सिर्फ यह कहा था कि उन्होंने बिम्स्टेक सम्मेलन के दौरान इस मामले पर पीएम मोदी से बात की थी। मंगलवार को इकॉनोमीनेक्स्ट डॉट कॉम ने श्रीलंकाई सरकार के सूत्रों के हवाले से खबर दी थी कि कैबिनेट बैठक में गठबंधन में साझेदार युनाइटेड नेशनल पार्टी पर रॉ के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। साथ ही यह भी कहा गया कि सिरीसेना ने कोलंबो बंदरगाह का ईस्ट टर्मिनल भारत को देने का विरोध किया था।