संगठन प्रमुख के रूप में प्रिंस चार्ल्स का समर्थन करने को राष्ट्रमंडल के सभी नेताओं ने अपनी मंजूरी दे दी। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने बृहस्पतिवार को अपनी इच्छा जताई थी कि वे अपने बेटे को एक दिन इस पद पर देखना चाहती हैं।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, 69 वर्षीय वेल्स के प्रिंस 53 सदस्यीय राष्ट्रमंडल के अगले प्रमुख होंगे। ऐसा माना जा रहा है कि यह निर्णय राष्ट्रमंडल की प्रमुख महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के एक घर वाटरलू चैंबर में हुए रिट्रीट में लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस रिट्रीट के दौरान मौजूद थे। राष्ट्रमंडल कई देशों से बना दुनिया के सबसे पुराने राजनीतिक समूह में से एक है।
इसकी जड़ें ब्रिटिश साम्राज्य से जुड़ी हुई हैं जब कुछ देशों पर ब्रिटेन का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शासन था। हालांकि इतने सालों में अफ्रीका, अमेरिका, एशिया, यूरोप और प्रशांत के अनेक स्वतंत्र देश भी इससे जुड़े। इससे जुड़ने वाले आखिरी दो देश रवांडा और मोजांबिक हैं जिनका ब्रिटिश साम्राज्य से कोई ऐतिहासिक नाता नहीं है।