साल 2015 में नेपाल में नया संविधान अपनाया गया था। इसके बाद नेपाल को सात प्रांतीय इकाईयों में बांट दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में मधेसियों को दरकिनार कर दिया गया था। मधेसी तराई क्षेत्र के निवासी हैं और अधिकतर भारतीय मूल के हैं। ओली के पहले कार्यकाल में संविधान संशोधन व अन्य मांगों को लेकर छह महीने लंबा विरोध प्रदर्शन चला था, जिसमें 50 से अधिक लोग मारे गए थे।
समर्थन वापसी का असर
275 सदस्यों वाली संसद में वामपंथी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के पास फिलहाल दो तिहाई बहुमत है। हालांकि, अगर मुख्य मधेसी पार्टी अपना समर्थन वापस लेती है तो संसद में सरकार दो तिहाई बहुमत खो देगी।