आगामी जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्राइल के दौरे पर रवाना होना है। इससे पहले मोदी ने इस्राइल के लोगों को जब छुट्टियों के लिए हिब्रू भाषा में शुभकामनाएं दीं तो इस्राइल में उनके समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा कि - ‘अवकाश की शुभकामनाओं के लिए शुक्रिया मेरे दोस्त।’ उन्होंने आगे लिखा कि - ‘इस्राइल के लोग बेसब्री से आपकी ऐतिहासिक यात्रा का इंतजार कर रहे हैं।’
इस्राइल के पीएम द्वारा किए गए ट्वीट को बाद में प्रधानमंत्री कार्यलय ने रीट्वीट भी किया। मोदी ने हिब्रू भाषा में लिखा था - ‘खाग समेच्छ खावेरिम।’ यानी अवकाश के लिए शुभकामनाएं। मोदी के इस अंदाज से इस्राइली पीएम बेहद प्रभावित हुए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई में पीएम की इस्राइल यात्रा के दौरान दोनों देशों के बी दो बड़े रक्षा समझौतों पर सहमति बन सकती है। हालांकि फिलहाल एंटी टैंक मिसाइलों व नौसेनिक हवाई रक्षा उपकरणों पर होने वाले समझौतों से संबंधित सूचनाएं गोपनीय रखी जा रही हैं। भारत वैसे भी इस्राइल से सैन्य सामान का सबसे बड़ा खरीददार है।
किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री के लिए इस्राइल का यह दौरा पहली बार होगा इसलिए भी इसे ऐतिहासिक माना जा रहा है। मोदी 25 साल बाद इस्राइल पहुंचने वाले देश के पहले पीएम होंगे। इससे पहले 2015 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और 2016 में विदेशमंत्री सुषमा स्वराज भी इस्राइल दौरा कर चुकी हैं। इसके अलावा रक्षा सौदों के लिए भी इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संभावना है कि यह सौदा करीब 1.5 अरब डॉलर का हो सकता है। इसके बाद भारत के बेड़े में लगभग 8000 मिसाइलें आ जाएंगी।