हरकतुल जिहाद अल इस्लामी मुफ्ती (हूजी)
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बांग्लादेश ने एक शीर्ष ब्रिटिश राजदूत को ग्रेनेड हमले में जख्मी करने के एक दशक बाद एक इस्लामिक चरमपंथी को फांसी दे दी है। इस हमले में तीन लोग मारे गए थे। हरकतुल जिहाद अल इस्लामी मुफ्ती (हूजी) के नेता अब्दुल हन्नान को उनके दो सहयोगियों के साथ बुधवार को फांसी दे दी गई। सभी को 2014 में सिलहट में 14वीं सदी के सूफी दरगाह पर हमला करने में दोषी ठहराया गया था।
हमले में ब्रिटिश उच्चायुक्त अनवर चौधरी जख्मी हो गए थे। चौधरी का जन्म सिलहट में ही हुआ था। इस वक्त चौधरी पेरू में ब्रिटिश राजदूत हैं। उन्होंने एएफपी न्यूज से कहा, ''बम मेरे पेट पर आ गिरा था, लेकिन तब विस्फोट नहीं हुआ था। मैं डिस्ट्रिक्ट चीफ के पैर के पास जमीन पर गिर गया था। इसके ठीक बाद बम फटा था।''
हन्नान हूजी में शामिल होने से पहले अफगानिस्तान में सोवियत के खिलाफ लड़ रहे थे।
हन्नान पर कई हमलों के आरोप थे। अभियोक्ताओं का कहना है कि हन्नान 1990 के दशक से हूजी नेता थे। हालांकि बुधवार को हन्नान की पत्नी ने कहा कि वह बेगुनाह थे। पिछले महीने चरमपंथियों ने कैदियों को ले जा रही एक गाड़ी पर बम फेंका था। कहा रहा है कि यह हन्नान को छुड़ाने की कोशिश थी।