संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता के भारत के दावे का पेरू ने पूर्ण समर्थन किया है। साथ ही दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक दूसरे का सहयोग करेंगे।
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की तीन दिवसीय पेरू यात्रा के अंतिम दिन इसकी घोषणा दोनों देशों द्वारा जारी किए गए संयुक्त बयान में की गई।
गौरतलब है कि अपनी यात्रा की शुरुआत में विशेष विमान में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अमर उजाला द्वारा इस संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उपराष्ट्रपति अंसारी ने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र के पुनर्गठन और सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सदस्यता भारतीय विदेश नीति का सतत मुद्दा है और वह लैटिन अमेरिका की अपनी इस यात्रा में भी इस मुद्दे पर पेरू और क्यूबा से बात करेंगे।
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और पेरू की उपराष्ट्रपति मेरीसोल इस्पिनोजा की मौजूदगी में जारी किए गए संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों देश बहुराष्ट्रीय मामलों में परस्पर हित के मुद्दों जैसे संयुक्त राष्ट्र में सुधार और अंतराष्ट्रीय संस्थाओं में भागीदारी के लिए एक दूसरे के साथ सहयोग और समन्वय करेंगे।
भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन
इस्पिनोजा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की विस्तारित सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के भारत के दावे का पेरू पूरा समर्थन करता है। दोनों देशों ने दुनिया में लोकतंत्र, शांति और सुरक्षा, विवादों के शांति पूर्ण समाधान, अंतराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र के सिद्दांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
दोनों देशों ने सहमति जताई कि किसी भी रूप में आतंकवाद को सहन नहीं किया जा सकता है और बहुराष्ट्रीय मसलों पर परस्पर सहयोग के लिए उच्चस्तरीय तालमेल जरूरी है।
दोनों देशों ने संस्कृति, रक्षा, व्यापार और शिक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों को विस्तार से अमल में लाने और भविष्य में सहयोग बढ़ाने के लिए एक संयुक्त आयोग गठित करने पर भी सहमति बनी।
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों का भ्रमण
अपनी इस यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और उनके साथ गए प्रतिनिधिमंडल ने पेरू के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और पेरू की कांग्रेस(संसद) के अध्यक्ष से भी मुलाकात की।
उपराष्ट्रपति ने लीमा के संग्रहालय जाकर पेरू की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को भी देखा। दोनों देशों ने आशा व्यक्त की कि करीब 15 साल बाद किसी उच्चस्तरीय भारतीय नेता की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच सहयोग और संबंधों का नया अध्याय शुरु होगा।