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'पाकिस्तान से रिश्ते रखना, तलिबान और अलकायदा से लड़ने से ज्यादा मुश्किल'

Mon, 25 Jul 2016 05:05 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला,दिल्ली
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- फोटो : getty images
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पाकिस्तान को आतंकियों की पनाहगाह बताते हुए अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा,'पाकिस्तान से द्विपक्षीय रिश्ते कायम रखना तालिबान और अलकायद के विरुद्ध लड़ने से ज्यादा मुश्किल है।' अफगनिस्तान के राष्ट्रपति ने पड़ोसी पाकिस्तान के साथ संबंधों को बरकरार रखना अपनी सरकार के लिए 'बड़ी चुनौती' करार दिया है।
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वहीं अफगान राष्ट्रपति गनी ने भारत की तारीफ की है। गनी ने कहा,'काबुल को भारत के साथ दोस्ती पर फख्र है। क्योंकि नई दिल्ली हमेशा अफगानिस्तान की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं में सहायक है।'

अशरफ गनी ने कहा,'पाकिस्तान आतंकियों को शरण देता है और उन्हें हमले के लिए तैयार करता है। पाकिस्तान के साथ संबंध कायम रखना अफगानिस्तान के लिए बहुत बड़ी चुनौती है।'
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गनी ने आगे कहा,'हम समझ नहीं पा रहे हैं पाकिस्तान कब कहेगा कि हम आतंकियों को अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं करने देंगे और आतंकियों के खिलाफ नेश्नल ऐक्शन प्लान बनाएंगे।'
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अफगानिस्तान में जख्मी आतंकियों का पाकिस्तान में इलाज

- फोटो : getty images
अफगानिस्तान के 64 वर्षीय राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा वह पाकिस्तान में रह रहे तालिबानी आतंकियों का पता तक बता सकते हैं।

गनी ने कहा अफगानिस्तान की फौज ने तहरीके तालिबान पाकिस्तान के चीफ मुल्ला फज्लुल्लाह पर 11 बार सहयोगियों के साथ हमला किया।

क्या पाकिस्तान एक भी ऑपरेशन बता सकता है जिसमें उसने हक्कानी नेटवर्क, मुल्ला उमर, और मुल्ला मंसूर के खिलाफ हमला क्या हो।

गनी ने आगे कहा,'जो आतंकी अफगानिस्तान में जख्मी हो जाते हैं उनका पाकिस्तान के अस्पतालों में इलाज किया जाता है।

जब तक पाकिस्तान आतंकी संगठनों के खिलाफ कड़े कदम नहीं उठाता तब तक हम पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करेंगे।' 

 
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