दक्षिण अफ्रीकी एथलीट ऑस्कर पिस्टोरियस के वकीलों ने पुलिस के एक वरिष्ठ जासूस की गवाही को जमानत अर्जी की सुनवाई के दूसरे दिन चुनौती दी है।
पुलिस के इस जासूस ने कहा था कि एक चश्मदीद ने उस रात पिस्टोरियस के घर में गोलियां चलने, फिर चीख और फिर और गोलियां चलने की आवाजें सुनी थीं।
लेकिन पूछताछ के दौरान जासूस हिल्टन बोथा ने अपनी गवाही के ब्योरे में बदलाव किया जिस पर बचाव पक्ष के वकील सवाल उठा रहे हैं।
बुधवार को अभियोजन पक्ष ने एक गवाह के हवाले से कहा कि उसने 14 फरवरी की रात दो से तीन बजे के बीच पिस्टोरियस के घर से लगातार तेज आवाज में बातचीत सुनी थी जिससे लग रहा था कि झगड़ा हो रहा है।
घटनास्थल पर पहुंचने वाले पहले मुख्य जांच अधिकारी और जासूस हिल्टन बोथा ने कहा कि एक अन्य चश्मदीद ने पिस्टोरियस के घर से चीखें और गोलियों की आवाज सुनने की बात स्वीकार की है।
'गोली और चीख'
उन्होंने अदालत को बताया कि हमारे पास उस व्यक्ति का बयान है जिन्होंने कहा कि गोलियों की आवाज सुनने के बाद वो अपनी बालकनी में गए और देखा की बत्ती जली हुई है। उसके बाद उन्होंने एक महिला को दो-तीन बार चीखते हुए सुना और फिर से गोलियों की आवाज सुनी।
लेकिन इस गवाह द्वारा पेश किए गए सबूत पर संदेह भी जताए जा रहे हैं क्योंकि जासूस बोथा ने अदालत को बताया कि गवाह ने कथित झगड़े की आवाज़ें 600 मीटर दूर से सुनी थीं। बाद में उन्होंने अपना बयान बदला और अभियोजन पक्ष को बताया कि चश्मदीद 300 मीटर दूर था न कि 600 मीटर।
पिस्टोरियस का दावा है कि गोली चलने से पहले वो सो रहे थे और दोनों के बीच कोई कहासुनी नहीं हुई थी। लेकिन बोथा की गवाही से उनके इस यकीन का पता चलता है कि पिस्टोरियस ने जान-बूझकर अपनी गर्लफ्रेंड को गोली मारी थी।
बोथा ने अदालत को बताया कि मैं ऐसा मानता हूं कि पिस्टोरियस को ये पता था कि रीवा बाथरूम में हैं और उन्होंने दरवाजे से चार गोलियां चलाईं।
जमानत पर सवाल
इससे पहले बोथा ने कहा कि रात 4.15 बजे जब वो पिस्टोरियस के घर पहुंचे तो उन्होंने स्टीनकैंप को जमीन पर मृत पाया। उन्होंने सफेद पैंट और काली वेस्ट पहन रखी थी और उन पर तौलिया डाला हुआ था।
बचाव पक्ष का कहना है कि जांच अधिकारी बोथा सबूतों का अपने हिसाब से निर्वचन कर रहे हैं। प्रीटोरिया की एक अदालत में चल रहे मुकदमे के दूसरे दिन पुलिस ने कहा कि अगर पिस्टोरियस को जमानत दी जाती है तो वो भाग भी सकते हैं।
ब्लेड रनर पिस्टोरियस ने अदालत में दिए बयान में इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने सोच-समझकर अपनी गर्लफ्रेंड स्टीनकैंप की हत्या की। पिस्टोरियस ने कहा कि उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड को ‘लुटेरा’ समझकर गोली चलाई थी।
26 वर्षीय पिस्टोरियस के इस मुकदमे की प्रक्रिया के पूरी होने में महीनों लग सकते हैं। हालांकि पिछले हफ्ते वैलेंटाइन डे के दिन जो कुछ भी हुआ था उससे संबंधित नई जानकारियां सामने आती जा रही हैं।
दूसरे दिन की सुनवाई में पिस्टोरियस की तरफ से ये दावा किया गया कि पुलिस और अभियोजन पक्ष उनके बचाव की कोशिशों को कमजोर कर सकते हैं। पिस्टोरियस की जमानत अर्जी पर अगली सुनवाई अब गुरुवार को होनी है।
अदालत में मौजूद बीबीसी संवाददाता एंड्र्यू हार्डिंग का कहना है कि जिस तरह से पिस्टोरियस से पूछताछ की जा रही है उससे लगता है कि उन्हें जमानत मिल सकती है।
पिस्टोरियस का बयान
मंगलवार को पिस्टोरियस ने अदालत को बताया था कि मध्य रात्रि में जब उनकी नींद खुली तो आवाजें सुनकर अनुमान लगाया कि बाथरूम में कोई व्यक्ति है।
उसके बाद उन्होंने दरवाज़े से गोली चलाई और उसके बाद महसूस किया कि उनकी गर्लफ्रेंड स्टीनकैंप बिस्तर पर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि स्टीनकैंप की मृत्यु से वो गहरे सदमें में हैं। जज ने इस मामले को जान-बूझकर की गई हत्या के मामले के रूप में स्वीकार किया है।
अब बचाव पक्ष के वकीलों को ऐसी दलीलें पेश करनी होगी जिसे पिस्टोरियस की ज़मानत का आधार बनाया जा सके। मंगलवार को इस मामले की पहली सुनवाई के दिन ही पिस्टोरियस की गर्लफ्रेंड स्टीनकैंप का अंतिम संस्कार किया गया।
29 साल की मॉडल और विधि स्नातक स्टीनकैंप को उनके गृहनगर पोर्ट एलिजाबेथ में दफनाया गया। ऑस्कर पिस्टोरियस ने 2004 के एथेंस में हुए पैरालिंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीता था जबकि 2008 में बीजिंग और 2012 में लंदन में भी उन्हें स्वर्ण पदक मिला था।
लंदन ओलंपिक में वो दुनिया के ऐसे पहले खिलाड़ी बन गए थे जो दोनों पैरों से लाचार होने के बावजूद 400 मीटर की दौड़ में सेमीफाइनल तक पहुंचे थे।