उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग ने उस जगह का निरीक्षण किया जहां से दक्षिणी द्वीप पर हमला किया गया था। स्थानीय मीडिया ने शुक्रवार को दक्षिण कोरिया के चुनाव से ठीक तीन चार दिन पहले इस बात का खुलासा किया।
प्योंगयांग ने नवंबर 2010 में योनपीइंग द्वीप पर 170 तोपों से हमला किया था। इसमें दो नागरिकों सहित चार लोगों की मौत हो गई थी। हालिया दिनों में उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण की वजह से कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव बढ़ने लगा है। लोगों का यहां तक कहना है कि उत्तर कोरिया छठा परमाणु परीक्षण की तैयारी कर रहा था।
उत्तर कोरियाई सेंट्रल न्यूज एजेंसी के अनुसार किम ने जंगजे और मू द्वीप पर भी सैन्य टुकड़ियों का दौरा किया जहां उन्हें दुश्मन के हालिया कदमों के बारे में जानकारी दी गई। न्यूज एजेंसी के अनुसार किम ने योनपीइंग द्वीप से ऑबजर्वेशन पोस्ट से दुशमन की चीजों पर नए संगठित बलों की फायर स्ट्राइक की योजना की जांच भी की।
गौरतलब है कि उत्तर कोरिया द्वारा किए जा रहे निरंतर परमाणु परीक्षणों से दुनियाभर के देशों की नींद उड़ी हुई है। उत्तर कोरिया ने अमेरिका को सीधे युद्ध की धमकी दे डाली है। उसने अमेरिका एयरक्राफ्ट कैरियर को तबाह करने की धमकी दी है। उत्तर कोरिया की धमकी की धमकी के बाद दुनिया पर तीसरे विश्वयुद्ध का खतरा मंडराने लगा है। उत्तरी कोरिया की इस धमकी के बाद अमेरिका के साथ-साथ दूसरे देशों ने भी जंग की तैयारी शुरू कर दी है।
इसके अलावा उत्तर कोरिया अपने मित्र देशों को परेशान करने से भी बाज नहीं आ रहा। उत्तर कोरिया ने अपने मुख्य सहयोगी और कूटनीतिक समर्थक चीन की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि चीन को उसकी रक्षा के लिए आभारी होना चाहिए। उत्तर कोरिया की सरकारी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने चीन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर चीन ने उसके संयम की परीक्षा ली तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।