अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सैनिकों को ले जा रही एक बस पर हुए आत्मघाती बम धमाके में कम से कम सात लोग मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं।
एक और आत्मघाती हमले में दो सैनिक और दो आम नागरिक घायल हुए हैं। तालिबान ने इन धमाकों की जिम्मेदारी ली है।
ये धमाके उस समय हुए हैं जब अफगानिस्तान और अमरीका ने एक संधि पर हस्ताक्षर किए है जिसके तहत अमरीकी सेना अफगानिस्तान में 2014 के अंत तक रह सकते हैं।
तालिबान ने इसे अमरीकी ढोंग की संज्ञा दी थी।
मंगलवार को अफगानिस्तान में हुए नए सुरक्षा समझौते के अनुसार 2014 के बाद भी 9,800 अमरीकी सैनिक वहां रुके रहेंगे।
हाल ही में अशरफ गनी ने अफगानिस्तान के नए राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली थी।
हामिद करजई के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने अमरीका के साथ इस द्विपक्षीय सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था।