पूर्वी यूक्रेन के स्लोवियांस्क शहर में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई रूस समर्थक लड़ाके मारे गए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं। सेना ने कई लड़ाकों को गिरफ़्तार भी किया है।
यूक्रेन के अंतरिम राष्ट्रपति ओलेक्सांद्र टुर्चयानोफ़ ने ये जानकारी दी है।
टुर्चयोनोफ़ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ऑपरेशन उस तेज़ी से नहीं चल पा रहा है जिसकी उम्मीद की जा रही थी।
इससे पहले विद्रोही लड़ाकों ने यूक्रेन की सेना के दो हेलीकॉप्टर मार गिराए जिनमें एक पॉयलट और एक अन्य कर्मचारी की मौत हो गई।
ताज़ा तनाव के मद्देनज़र रूस ने संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई है।
रूस का कहना है कि अपने ही लोगों के ख़िलाफ़ यूक्रेन की सेना का इस्तेमाल "यूक्रेन को बुरी स्थिति की ओर ले जा रहा है"। रूस ने ज़ोर देकर कहा है कि सुरक्षा परिषद की बैठक शुक्रवार को ही बुलाई जाए।
माहौल तनावग्रस्त
स्लोवियांस्क शहर की स्थिति अब भी साफ़ नहीं है। इससे पहले यूक्रेन ने कहा था कि आधे शहर पर यूक्रेनी दस्तों का "नियंत्रण है"।
टुर्चयोनोफ़ ने कहा कि विद्रोही सेनाओं से जंग "बेहद पेचीदा" है और तथ्य यह है कि पूर्वी यूक्रेन में संघर्ष आबादी वाले इलाकों में ही हो रहा है।
उन्होंने कहा कि स्लोवियांस्क शहर में चल रही जंग में दो यूक्रेनी सैन्यकर्मी मारे गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस समर्थक लड़ाके आम नागरिकों और बंधकों के पीछे छुप रहे हैं।
टुर्चयोनोफ़ ने कहा कि शहर भर में सभी रूस समर्थक नाकों पर कब्ज़ा कर लिया गया है, हालांकि अलगाववादियों का कहना है कि कई अब भी उनके कब्ज़े में हैं।
जर्मनी के बिल्ड अख़बार के शहर में मौजूद रिपोर्टर, पॉल रॉनशीमेर, के अनुसार स्थानीय लोग यूक्रेनी टैंकों के आगे खड़े दिख रहे हैं।
रॉनशीमेर के अनुसार कई लोगों ने सैनिकों को वापस जाने को बोला और चिल्लाकर कहा, "गोली मार दो हमें, हम भी अलगाववादी हैं। क्योंकि हम रूस में शामिल होना चाहते हैं, सिर्फ़ इसलिए गोली मार दो हमें।"
स्लोवियांस्क के बाहर एक पुल पर बीबीसी संवाददाता फ़र्गल कीन मौजूद हैं। वहां यूक्रेनी सैनिकों और रूस समर्थक स्थानीय निवासियों के बीच गतिरोध चल रहा है। उनके अनुसार माहौल तनावग्रस्त है।