अमेरिका ने यूक्रेन के ओदेसा शहर में हिंसा की निंदा की है, जिसमें शुक्रवार को कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई थी।
अमेरिका ने कहा कि हिंसा 'अस्वीकार्य' है और सभी पक्षों से क़ानून और व्यवस्था की स्थिति फिर से बहाल करने के लिए साथ मिलकर काम करने की अपील की है।
विदेश विभाग की तरफ़ से जारी किए गए एक बयान में कहा गया, "हिंसा और अफरा-तफरी के कारण कई लोगों की मौत हो गई औऱ बहुत लोग घायल हो गए, यह स्थिति अस्वीकार्य है।"
इस बयान में यूक्रेन के अधिकारियों से "जिम्मेदारा लोगों के ख़िलाफ़ क़ार्रवाई करने की बात कही।"
यूक्रेन के दक्षिण पश्चिमी हिस्से में स्थानीय पुलिस के अनुसार हिंसाग्रस्त ओदेसा शहर में एक सरकारी इमारत में लगी आग में 31 लोगों की मौत हो गई है।
ये मौतें ऐसे समय में हुई हैं जब इस शहर में रूस समर्थकों की यूक्रेन सरकार समर्थकों के साथ झड़पें हो रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि कई लोगों की मौत धुएं के कारण दम घुटने से हुई, जबकि कई लोग आग लगने के बाद इमारत से कूद जाने से मारे गए।
इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति ओलेक्सांद्र तुर्चीनोव ने कहा कि स्लोवियांस्क शहर में हुई सरकारी कार्रवाई में बहुत से अलगाववादी मारे गए हैं।
रूस समर्थक कार्यकर्ताओं ने पूर्वी यूक्रेन में दर्जनों सरकारी इमारतों पर क़ब्ज़ा कर लिया और पर्यवेक्षकों को भी बंधक बना लिया है।
सबसे ज़्यादा मौतें
यूक्रेन के गृह मंत्रालय के स्थानीय कार्यालय ने बताया कि शुक्रवार को ओदेसा शहर के ट्रेड यूनियन हाउस में आग लगी। हालांकि बयान में और ज़्यादा ब्यौरा नहीं दिया गया है।
ये अभी साफ़ नहीं है कि घटनास्थल पर क्या क्या हुआ, लेकिन संवाददाताओं का कहना है कि हो सकता है कि चरमपंथियों ने ख़ुद को इमारत में बंद कर लिया हो और इमारत के नीचे खड़े लोगों पर गोलियां चलाने लग गए हों और तभी पेट्रोल बम से आग लग गई।
गृह मंत्रालय का कहना है कि इस घटना में अब तक कुल 31 लोग मारे गए हैं, जबकि इससे पहले ये संख्या 38 बताई जा रही थी।
कीएफ़ में बीबीसी संवाददाता डेविड स्टर्न का कहना है कि ओदेसा शहर में हुई मौतें यूक्रेन में फरवरी में तनाव शुरू होने के बाद से किसी एक घटना में मारे गए लोगों की सबसे ज़्यादा संख्या है।
ब्लैक सी के तट पर बसे इस शहर में रूसी बोलने वालों की बड़ी संख्या है।