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विवादास्पद इस्लामी धर्म प्रचारक जाकिर नाईक को नहीं सौंपने पर मलयेशिया से नाराज हुआ भारत

Fri, 06 Jul 2018 04:26 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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Zakir Naik
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कई दिनों से इस्लामिक धर्म गुरु जाकिर नाईक के भारत आने की खबरें आ रही थीं। शुक्रवार को मलयेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने सारी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा कि विवादस्पद भारतीय इस्लामिक उपदेशक को भारत नहीं भेजा जाएगा। 
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प्रधानमंत्री मोहम्मद के जाकिर नाईक के प्रत्यर्पण मामले में भारत सरकार का कहना है कि हम जाकिर को नहीं छोड़ेंगे। केंद्रीय मंत्री हंसराज अहीर ने कहा कि भले ही अभी नहीं लेकिन हम उसे गिरफ्तार करेंगे और उसे किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। 

बता दें कि जाकिर नाईक ने 2016 में भारत छोड़ दिया था। जिसके बाद वह मलयेशिया चला गया। वहां जाकिर नाईक को मलयेशिया सरकार ने स्थाई निवास दिया है। नाईक पीस टीवी के माध्यम से लोगों को भड़काने का काम करता था। साथ ही लोगों को धर्म परिवर्तन करने के लिए उकसाता था।  
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जाकिर नाईक ने मीडिया की सभी रिपोर्टों को आधारहीन बताया

zakir naik
भारतीय मीडिया के मुताबिक जनवरी में मलयेशिया और भारत के बीच एक संधि हुई थी। जिसमें कहा गया था कि जाकिर नाईक प्रत्यर्पण करना है। प्रधानमंत्री महाथिर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जाकिर जब तक कोई समस्या पैदा नहीं करता है तब तक उसे भारत नहीं भेजा जाएगा। क्योंकि उसे यहां पर स्थाई निवास स्थान दिया गया है। 

रिपोर्टों में कहा गया है कि भारत ने नाईक को नफरत भरे भाषणों के माध्यम से आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए कथित रूप से युवाओं को उत्तेजित किया है। इसलिए उसे भारत भेजा जाना चाहिए। इसके बाद 52 वर्षीय नाइक ने मीडिया रिपोर्टों को पूरी तरह आधारहीन और झूठी बताया है। 
 
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