अमेरिका का कहना है कि वह ईरान से तेल आयात में कटौती करने वाले देशों के साथ मिलकर काम करने की तैयारी कर रहा है। साथ ही ईरान पर काफी हद तक दबाव कम करने के कारण वह भारत और तुर्की जैसे देशों को छूट प्रदान नहीं करेगा।
मालूम हो कि ईरान, इराक और सऊदी अरब के बाद भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश है। ईरान ने अप्रैल 2017 और जनवरी 2018 (2017-18 वित्त वर्ष के पहले 10 महीने) के दौरान 18.4 मिलियन टन कच्चा तेल निर्यात किया था। अमेरिका चीन और भारत समेत सभी देशों पर ईरान से तेल खरीद पूरी तरह से रोकने का दबाव बना रहा है।
परमाणु समझौते पर वैश्विक शक्तियों से होगी बातचीत: ईरान
ईरान का कहना है कि वह परमाणु समझौते पर वैश्विक शक्तियों से बातचीत करने को तैयार है। ईरानी मीडिया के अनुसार ईरान के विदेश मंत्री और दुनिया की पांच शक्तियां शुक्रवार को विएना में 2015 के परमाणु समझौते पर चर्चा करेंगी।
ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए ने खबर दी है कि ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी और रूस के शीर्ष राजनयिक ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ से ऑस्ट्रिया की राजधानी में मुलाकात करेंगे। अमेरिका की तरफ से परमाणु समझौते से हटने के बाद इन सभी देशों की यह पहली बैठक होगी। बैठक के दौरान मंत्रियों के बीच ईरान के इस समझौते में बने रहने के लिए यूरोपीय यूनियन की तरफ से दिए जाने वाले ‘इंसेंटिव पैकेज’ पर चर्चा होगी।