मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आर्थिक तंगी से जूझ रहा आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट अपने घायल लड़ाकों को मारकर उनके अंगों को निकाल रहा है। यही नहीं वह उन्हें विदेशी काला बाजार में बेचकर धन कमा रहा है।
अरबी भाषा के अखबार अल सबाह ने इराकी शहर मोसुल के अपने एक सूत्र के हवाले से कहा है, ‘एक घायल आईएसआईएस आतंकी के शरीर के अंग बाहर निकालने के लिए डॉक्टरों को धमकाया गया था।
ईरानी न्यूज एजेंसी फार्स के मुताबिक, हाल ही में मोसुल का दक्षिणी हिस्सा गंवाने के बाद आतंकवादी पैसे की कमी से जूझ रहे हैं। इस वजह से वे अपने ही घायल साथियों को मार रहे हैं। ताकि उनके शरीर के अंगों, जैसे हार्ट, किडनी आदि की कालाबाजारी की जा सके। रिपोर्ट में स्पेन के अखबार अल मोन्दो के हवाले से कहा गया है कि सीरियाई सेना और पापुलर बलों के हमलों से आईएसआईएस के घायल सदस्यों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है।
आईएसआईएस प्रत्यारोपण के लिए अपने बंधकों के अंगों का इस्तेमाल भी कर रहा है। अखबार के मुताबिक, आईएसआईएस मोसुल जेल के अपने कैदियों को रक्त दान के लिए बाध्य कर रहा है। साथ ही मौत की सजा की तामील टाल दी गई है ताकि ऐसे कैदियों का ज्यादा से ज्यादा खून इस्तेमाल किया जा सके।