ईरान के अधिकारियों ने कहा है कि इसराइल और अमेरिका के लिए जासूसी करने के जुर्म में दो लोगों को फांसी दी गई है।
मोहम्मद हैदरी को पैसे लेकर इसराइली खुफिया एजेंसी मोसाद के एजेंट को सुरक्षा मामलों और देश से संबंधित गुप्त जानकारियां देने का दोषी पाया गया था।
राजधानी तेहरान के अभियोजक कार्यालय का कहना है कि कुरोस अहमद को अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए को खुफिया जानकारियां देने का दोषी पाया गया था।
अमेरिका और इसराइल पर ईरान अपने यहां खुफिया अभियान चलाने का आरोप लगाता रहा है।
परमाणु कार्यक्रम
फांसी देने की यह घटना ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर जारी विवाद के बीच हुई है।
ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए है, जबकि पश्चिमी देशों को संदेह है कि ईरान इसकी आड़ में परमाणु हथियार बना रहा है।
अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि हैदरी और अहमदी को कहां से गिरफ्तार किया गया या वे कहां काम कर रहे थे।
ईरान की समाचार एजंसी फॉर्स ने खबर दी है कि दोनों को तेहरान के रेवोल्यूशनरी कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी। इसकी पुष्टि सुप्रीम कोर्ट ने की थी।
खबर में कहा गया है कि दोनों पुरुषों को भोर में फांसी पर लटका दिया गया। इस साल के शुरू में सुप्रीम कोर्ट ने सीआईए के लिए जासूसी करने के आरोप में एक ईरानी-अमेरिकी नागरिक आमिर मिरजई हेकमती को सुनाई गई फांसी की सजा को बदल दिया था।
सजा बदलते हुए न्यायाधीशों ने कहा था कि पूरा फ़ैसला नहीं हुआ है। अदालत ने इस मामले की फिर सुनवाई के आदेश दिए थे। हेकमती और अमरीका जासूसी के आरोपों को नकारते रहे हैं।