कीनिया के तटवर्ती शहर मोम्बासा में भारतीय कौवों ने अपना दखल इतना बढ़ा लिया है कि अब वे पर्यटकों की प्लेट से खाना झपट लेते हैं और दूसरे पक्षियों पर धौंस जमाते हैं।
हालांकि ये कौवे पूर्वी अफ्रीका के बाशिंदे नहीं हैं पर मोम्बासा में ये बड़ी तादाद में हैं। अगर आप मोम्बासा के आसमान में देखें तो आपको शायद ही कोई दूसरा पक्षी उड़ते हुए दिखेगा।
क्या था मकसद
उनका असल घर तो भारत है, पर वे अक्सर जहाजों पर चढ़कर यहां पहुंच जाते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि पूर्वी अफ्रीका में 1890 के करीब इन कौवों को जानबूझकर कूड़ा निपटाने के मकसद से लाया गया था।