फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चीन को श्रीलंका से लगा झटका, हंबनटोटा में भारत बनाएगा हवाई अड्डा

Sat, 14 Oct 2017 01:38 PM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
विज्ञापन
हवाईअड्डा
विज्ञापन
एशिया महाद्वीप में चीन की बढ़ती दादागिरी को रोकने के लिए भारत ही नहीं दूसरे एशियाई देश भी साथ जुट रहे हैं। इसी संदर्भ में भारत और श्रीलंका एक बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। भारत, श्रीलंका के हंबनटोटा में हवाई अड्डा बनाने की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन


श्रीलंका सरकार के इस कदम से चीन को बड़ा झटका लगा है, उसका कहना है कि उसे उम्मीद नहीं थी कि श्रीलंका सरकार भारत के साथ मिलकर ऐसा कदम उठा सकती है।

दरअसल, श्रीलंका के सिविल एविएशन मिनिस्टर निमल सीरीपाला ने बताया कि भारत ने श्रीलंका के दक्षिणी द्वीप पर एक एयरपोर्ट के निर्माण में रुचि दिखाई है। श्रीलंका का ये क्षेत्र कई मायनों में खास है, यहां से चीन की महत्वाकांक्षी योजना वन बेल्ट वन रोड गुजरती है। 

हंबनटोटा श्रीलंका के दक्षिण में बसा एक शहर है। सरकार इस शहर के महत्व को देखते हुए इसका विकास करने में लगी हुई है। जिसके लिए यहां नया बंदरगाह और एयरपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है।
विज्ञापन


पढ़ें: दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी जंगी जहाज को देख भड़का चीन, कहा- संप्रभुता का करे सम्मान

एयरपोर्ट के निर्माण के लिए श्रीलंका सरकार को निवेशक तलाश थी। सीरीपाला ने बताया कि इसी दौरान भारत एक प्रपोजल पेश किया, जिसमें उसने हंबनटोटा में एयरपोर्ट निर्माण में रुचि दिखाई। उन्होंने बताया कि भारत सरकार श्रीलंका के साथ इस ज्वाइट वेंचर में काम करने के लिए तैयार है। 
विज्ञापन

293 मिलियन डॉलर के इस प्रोजेक्ट पर भारत और श्रीलंका दोनों मिलकर काम करेंगे

हंबनटोटा दुनिया से सबसे ज्यादा व्यस्त शिपिंग लेन में से एक है। साथ ही यह चीन की वन बेल्ट वन रोड नीति का भी प्रमुख हिस्सा है, जहां से एशिया और यूरोप के कई हिस्सों में व्यापार किया जाता है। चीन ने बंदरगाह को 99 साल के लिए लीज पर पर लिया है। 

293 मिलियन डॉलर का है प्रोजेक्ट
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक 293 मिलियन डॉलर के इस प्रोजेक्ट पर भारत और श्रीलंका दोनों मिलकर काम करेंगे। जिसमें 70 फीसदी हिस्सा भारत 40 सालों के लिए लीज पर देगा। इसके साथ ही यह भी कयास लगाया जा रहा है कि ये एयरपोर्ट भारतीय नागरिकों के लिए भी एक गंतव्य स्थल बन सकता है। 

श्रीलंका के इस कदम से चीन को बड़ा झटा लगा है। चीनी सरकार का कहना है कि उसे श्रीलंका की ओर से ऐसे किसी कदम की उम्मीद नहीं थी। बता दें कि चीन ने भी इस प्रोजेक्ट में रुचि दिखाई थी, लेकिन दोनों देशों के बीच वित्तीय स्तर पर बात नहीं बन सकी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें