प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और अमेरिका की सेनाओं को विश्व की दो सबसे ताकतवर सेनाएं बनाने का संकल्प लिया है। फिलीपींस के मनीला में आसियान बैठक से इतर हुई मुलाकात में दोनों नेताओं ने बड़े रक्षा साझीदार के तौर पर आपसी सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। दोनों नेताओं ने संकल्प लिया कि विश्व के दो महान लोकतांत्रिक देशों के पास दो महान सेनाएं भी होनी चाहिए।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका से भारत द्वारा खरीदे जाने वाले तेल के हाल के महीनों में 10 मिलियन बैरल के स्तर को पार कर जाने की भी सराहना की। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देशों के बीच मजबूत ऊर्जा सहयोग जियोपॉलिटिकल और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में परिवर्तनकारी साबित होगा।
दोनों नेताओं ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच रिश्ता पारस्परिक हितों से परे है और उसे द्विपक्षीय संबंधों से कहीं आगे ले जाया जा सकता है। दोनों देशों का मिलकर काम करना एशिया के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच सहयोगात्मक संबंधों से जाहिर है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक मुद्दों पर आगे बढ़ा जा सकता है।
पीएम मोदी ने ट्रंप को आश्वस्त किया कि भारत इस बात की कोशिश करेगा कि वह अमेरिका और विश्व की उम्मीदों पर खरा उतर सके। उन्होंने ट्रंप की इस बात पर आभार जताया कि पिछले कुछ दिनों से एशिया दौरे पर अमेरिकी राष्ट्रपति को जब भी भारत के बारे में बोलने का मौका मिला, उन्होंने देश की प्रशंसा की।
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सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रक्षा और सुरक्षा समेत कई द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की। यह मुलाकात हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मुक्त, खुला व समावेशी रखने के लिए चतुर्भुज गठबंधन को आकार देने के मकसद से भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों के बीच सामरिक महत्व पर बैठक के ठीक एक दिन बाद हुई।
मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका न सिर्फ हितों के लिए बल्कि एशिया के भविष्य और समूची दुनिया में मानवता के लिए काम कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि दुनिया को भारत से अमेरिका के प्रति जो भी उम्मीदें हैं, उन्हें हम हमेशा पूरा करते रहे हैं और भविष्य में भी ऐसा ही करते रहेंगे।