थाईलैंड में सेना की तरफ से नियुक्त संसद ने पूर्व प्रधानमंत्री यिंगलक चिनावाट के प्रधानमंत्री बनने पर पांच साल की रोक लगा दी है।
विवादित चावल सब्सिडी कार्यक्रम प्रबंधन के लिए उन पर आपराधिक लापरवाही का भी आरोप लगाया गया है, जिसके लिए उन्हें 10 साल की जेल हो सकती है। थाईलैंड में मई 2014 में सेना के यिंगलक सरकार का तख़्तापलट कर दिया था।
यिंगलक के विरोधियों का आरोप है कि उन्होंने अरबों डॉलर के सरकारी धन को चावल किसानों को सब्सिडी देने में बर्बाद कर दिया, जो उनकी पार्टी के समर्थक हैं।
बैंकॉक में बीबीसी संवाददाता जॉनाथन हेड के अनुसार महाभियोग ने कड़ा संदेश दिया है कि कोई समझौता नहीं किया जाएगा और यिंगलक के परिवार को थाइलैंड की राजनीति से बाहर कर दिया जाएगा।
यिंगलक और उनके भाई, बडे़ उद्योगपति और पूर्व प्रधानमंत्री थाक्सिन चिनावाट, थाईलैंड के ग्रामीण इलाकों के गरीबों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं, लेकिन शहरी मध्यवर्गीय संभ्रांत उनसे चिढ़ते हैं और उन पर भ्रष्टाचार के साथ ही सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगाते हैं।