चार अफ्रीकी देशों के दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यहां भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आठ फीसदी की विकास दर हासिल करने के लिए काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत के विकास की कहानी को चार अक्षरों ‘एचओपीई’ यानी अंग्रेजी के होप शब्द में बयां की जा सकती है। इन चार अक्षरों के शब्द होप से हार्मोनी यानी सौहार्द, ऑप्टिमिज्म यानी आशा, पोटेंशियल यानी क्षमता और एनर्जी यानी ऊर्जा में बयां की जा सकती है।
रंगभेद के खिलाफ अभियान चलाने वाले दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला की तरह ही ‘मदिबा’ शर्ट पहने पीएम ने जोहांसबर्ग में करीब 11 हजार की संख्या में मौजूद भारतीय मूल के लोगों से कहा कि आज की तारीख में भारत दुनिया की अर्थव्यवस्था में सबसे चमकता केंद्र है।
जो लोग निवेश और व्यापार करना चाहते हैं उनके लिए यहां अपार उम्मीद है। उन्होंने अपने 40 मिनट के भाषण में कहा कि उनकी सरकार 2022 तक 50 करोड़ नई नौकरियों के अवसर पैदा करने के लिए अभियान मोड में काम कर रही है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं के विकास पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया में मंदी के संकेत दिख रहे हों वैसे समय में भारत ने 7.6 फीसदी की वार्षिक विकास दर हासिल की है और आने वाले समय में हम आठ फीसदी की विकास दर हासिल करने के लिए काम कर रहे हैं।
दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के करीब 12 लाख लोग रहते हैं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हम दक्षिण अफ्रीका के नागरिकों के लिए ई-वीजा सुविधा की शुरुआत कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि भारत की गतिशीलता के बारे में केवल बातें ही नहीं की जा रही है बल्कि यह उठाए जा रहे ठोस कदमों पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार चाहती है कि उद्यमिता फले-फुले, कारोबार बढ़े और देश आगे बढ़े। इसके लिए उनकी सरकार पहले से ही नीतिगत फ्रेमवर्क को मजबूती प्रदान कर रही हैं।