इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड द शाम, आईएसआईएस की अगुवाई में चरमपंथियों ने पिछले हफ्ते मोसूल और तिकरित पर कब्जा कर लिया था लेकिन कुछ इलाकों पर सरकार ने वापस कब्जा कर लिया है।
क्या वजह है कि चरमपंथी लगातार इराक़ी सेना पर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं।
कितनी मजबूत है इराक़ी सेना, बीबीसी का एक संक्षिप्त आकलन।
'आत्मबल में कमी'
इराक की सेना को सालों तक अमेरिका और ब्रितानी सेनाओं के साथ प्रशिक्षण का फायदा हासिल है। इसके साथ ही उसे खरबों डॉलरों की सैन्य सहायता भी मिली है।
इराक की सेना में 2,70,000 सैनिक और 300 टैंक हैं।
2013 में सैन्य ख़र्च 17 खरब डॉलर तक पहुंच गया था। इसने अमेरिका से हेलिकॉप्टर और एफ-16 जेट ऑर्डर किए हैं।
आईएसआईएस के बढ़ते कदम
लेकिन लगातार हो रहे जिहादी हमलों से सैनिकों के आत्मबल में कमी आई है और बहुत से मारे गए हैं। पलायन के कारण भी सेना अपने सैनिकों को खो रही है।
मोसूल में कुछ सैकड़ों लड़ाकों को देखकर 30,000 सैनिक भाग खड़े हुए। वे अपने हथियार और वाहन भी छोड़ गए।
आशंका है कि इन हथियारों और वाहनों का इस्तेमाल जिहादी इराक और सीरिया में कर सकते हैं।