सिंगापुर में होनेवाले अगले राष्ट्रपति चुनाव में भारतीय मूल की हालिमा याकूब प्रबल दावेदार मानी जा रही है। वहीं उनके विरोध में पाकिस्तान मूल के उम्मीदवार के उतरने की संभावना है। हालांकि इन सबके बीच दोनों प्रमुख उम्मीदवारों को लेकर देश में बहस चल रही है क्या वे वाकई में मलय हैं, क्योंकि इस बार यह पद मलय के लिए आरक्षित है।
सितंबर में होनेवाले चुनाव के लिए सबसे पसंदीदा उम्मीदवार संसद स्पीकर हलिमा याकूब हैं। हालांकि अब तक चुनाव लड़ने के बारे में वह अंतिम फैसला नहीं कर पाई हैं। दो सप्ताह पहले उन्होंने स्थानीय मीडिया से कहा था कि वह इसके लिए विचार कर रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हालिमा के पिता भारतीय और मां मलय थे, इसलिए उनकी पहचान एक भारतीय के रूप में की जा रही है। लेकिन वह खुद को मलय बताती हैं। उन्होंने कहा कि 2015, 2011, 2006 और 2001 के आम चुनाव में उन्हें मलय समुदाय के सदस्य के रूप में प्रमाणित किया गया है।
वहीं दूसरे संभावित उम्मीदवार फरीद खान पाकिस्तानी मूल के हैं। लेकिन उनका पूरा परिवार मलय संस्कृति को मानता है और मलय भाषा ही बोलता है। ऐसे में वह खुद को पाकिस्तानी के बजाए मलय कहलाना पसंद करते हैं।
गौरतलब है कि सिंगापुर में इस चुनाव में पहली बार राष्ट्रपति का पद मलय मुसलमानों के लिए आरक्षित किया गया है। बहु जातीयवाद को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पिछले वर्ष नवंबर में संसद में पारित विधेयक के तहत ऐसा किया गया है।