बांग्लादेश की एक अदालत ने गुरुवार को खालिदा जिया के बड़े बेटे को सात साल की सजा सुनाई है। खालिदा के 51 साल के बेटे तारीक रहमान को ये सजा मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में दोषी पाए जाने पर सुनाई गई है। रहमान लंदन में रह रहे थे, जिन्हें विपक्ष की नेता और दो बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रह चुकी खालिदा जिया का राजनैतिक वारिस भी माना जा रहा था।
डिप्टी अटॉर्नी जनरल मौनीरुज्जमन कबीर ने कहा, "हाई कोर्ट ने कहा है कि तारीक रहमान ने अपनी राजनैतिक ताकत का फायदा उठाकर अपने करीबी दोस्त जियाजुद्दीन मामुन की मदद करने के उद्देश्य से 200 मिलियन टका कालेधन (2.5 मिलियन डॉलर या करीब 16.5 करोड़ रुपए) की व्यवस्था की।"
उन्होंने कहा,"मामुन ने ये पैसे रिश्वत के तौर पर लिए थे, जिसके बदले में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को पावर प्लांट बनाने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था और पैसों को सिंगापुर के एक बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कराया गया था।"