मिस्र के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मु्र्सी के समर्थकों के प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी में कम से कम 34 लोग मारे गए हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक सेना ने राजधानी काहिरा में सेना के बैरक के बाहर धरने पर बैठे मु्र्सी समर्थकों के ख़िलाफ कार्रवाई की है। माना जा रहा है कि मुर्सी को इसी बैरक में हिरासत में रखा गया है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सेना और पुलिस ने बिना चेतावनी के सुबह की नमाज़ के दौरान गोलीबारी शुरू की। मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रवक्ता गेहाद हदाद ने 35 लोगों के मारे जाने और सैकड़ों के घायल होने का दावा किया है।
लेकिन सेना ने एक बयान में कहा कि एक चरमपंथी संगठन ने बैरक पर हमला करने की कोशिश की जिसमें सेना का एक अधिकारी मारा गया।
इस बीच मुर्सी को हटाने की कार्रवाई का समर्थन करने वाली इस्लामिक अल नूर पार्टी ने इसे जनसंहार बताते हुए अंतरिम प्रधानमंत्री चुनने के लिए की जा रही बातचीत को रोक दिया है।
कार्रवाई
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बीबीसी को बताया कि काहिरा के पूर्वी नस्र सिटी डिस्ट्रिक्ट में सेना ने मुर्सी समर्थकों को तितर बितर करने के लिए गोलियां चलाई।
इस घटना में कई लोग घायल हो गए जिन्हें पास के एक अस्थाई अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
देश के पहले इस्लामिक राष्ट्रपति मुर्सी को सेना ने पिछले सप्ताह उनके पद से हटा दिया था। मु्र्सी के ख़िलाफ़ कई दिनों से व्यापक प्रदर्शन हो रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सेना ने प्रेजिडेंशियल गार्ड्स क्लब में धरने पर बैठे मु्र्सी समर्थकों पर उस समय कार्रवाई की जब उनमें से अधिकांश सुबह की नमाज़ पढ़ रहे थे।
मिस्र में मीडिया के मुताबिक़ प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने जब क्लब की दीवार फांदकर भागने की कोशिश की तो सेना और पुलिस में गोलीबारी शुरू कर दी।
मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रवक्ता मुस्तफा अल ख़ातिब ने काहिरा में बीबीसी के अहमद मेहर को बताया कि उन्होंने अस्पताल में सात शव देखें हैं जिनके सीने और सिर में गोलियां लगी थीं।
इससे पहले रविवार को मु्र्सी के समर्थकों और विरोधियों ने देशभर में व्यापक प्रदर्शन किए थे।
मु्र्सी की जगह देश की शीर्ष न्यायपालिका के प्रमुख अदली मंसूर को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया है। मंसूर ने देश में जल्दी चुनाव कराने का वादा किया है लेकिन इसके लिए किसी तारीख़ का ऐलान नहीं किया है।