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ट्रंप ने कहा, परमाणु समझौते के लिए प्रतिबंध जरूरी, ईरान का जवाब- धमकियां देना बंद करे अमेरिका

Wed, 29 May 2019 05:07 AM IST
संदीप भट्ट वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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फारस की खाड़ी में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ परमाणु समझौता मुमकिन है, लेकिन इसके लिए प्रतिबंध जरूरी है। ट्रंप ने कहा कि उनका मानना है कि ईरान हमसे परमाणु करार करना चाहता है और मुझे लगता है कि ऐसा संभव है।

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जापानी प्रधानमंत्री आबे शिंजो के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर ईरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ समझौता संभव है, लेकिन इसके लिए कुछ आर्थिक और दूसरे प्रतिबंध भी जरूरी हैं।

जापान दौरे पर आए अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को ईरान के प्रति नरम रुख दिखाते हुए कहा था कि वह नहीं चाहते कि स्थितियां भयावह बनें। उनका विश्वास है कि ईरान यदि बातचीत करना चाहता है तो अमेरिका भी इस दिशा में आगे बढ़ने को तैयार है।
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ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ईरान में सत्ता परिवर्तन नहीं चाहता है। हम बस यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि कोई परमाणु हथियार न बने। बताते चलें कि पिछले साल अक्तूबर में ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने आरोप लगाया था कि अमेरिका तेहरान में सत्ता परिवर्तन चाहता है। अमेरिका की मौजूदा सरकार पिछले चार दशक में सबसे अधिक शत्रुतापूर्ण रवैया अपना रही है।

धमकियां देना बंद करें अमेरिकी राष्ट्रपति : ईरान
ट्रंप के इस बयान पर ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जारिफ ने कहा, ‘कार्रवाई सिर्फ शब्द नहीं वह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के इरादों को स्पष्ट कर सकता है। ट्रंप बार बार इस तरह की धमकियां न दें और तेहरान को परमाणु हथियारों की आवश्यकता नहीं है।

ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामनई ने बहुत पहले कहा था कि हम एक फतवा जारी करके परमाणु हथियारों की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन पर प्रतिबंध लगा रहे हैं।’ 2018 के बाद अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों को आर्थिक आतंकवाद बताते हुए जारिफ ने कहा कि इस तरह के प्रतिबंध ईरानी लोगों को परेशान कर रहे हैं जिससे क्षेत्र में तनाव पैदा हो रहा है। जारिफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति के ट्विटर हैंडल का हवाला देते हुए कहा, ‘बयान नहीं, बल्कि उठाए जाने वाले कदम से पता चलेगा कि ट्रंप का यह इरादा है या नहीं।’ 

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2018 में परमाणु समझौते से अलग हो गया था अमेरिका

डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
पिछले साल ट्रंप प्रशासन पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में ईरान के साथ हुए परमाणु से अलग हो गया था। इसके बाद अमेरिका ने ईरान पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे। पिछले डेढ़ महीने में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। हाल में अमेरिका ने फारस की खाड़ी में अपने बमवर्षक विमान और युद्धक पोत तैनात कर दिए हैं। 

जापान में अमेरिकी सैनिकों से मिले ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को जापान में तैनात युद्धपोत यूएसएस वास्प में 800 से अधिक अमेरिकी सैनिकों से मुलाकात की। उन्होंने सैनिकों को प्रोत्साहित करते हुए ‘हैप्पी मेमोरियल डे’ का संदेश दिया। अमेरिका ने सोमवार को मेमोरियल डे के मौके पर अपने शहीदों को सम्मानित किया था।  
 
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